
सरकार का 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा विरोधाभासी: खरसिया विधायक
नंदेली: किसानों के सुख-दुख के साथी खरसिया विधायक उमेश पटेल ने छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था,लेकिन औसत उत्पादन की आनावरी रिपोर्ट के आधार पर खरीदी करने के आदेश से यह वादा अधूरा साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि औसत उत्पादन के आंकड़े पहले से पोर्टल पर दर्ज कर लिए गए हैं और इन्हीं आंकड़ों के अनुसार किसानों का टोकन जारी होगा। इससे किसानों को वास्तविक उत्पादन के मुकाबले कम धान बेचने का मौका मिलेगा। विधायक पटेल ने इसे किसानों के साथ अन्याय और धोखा बताया।
सरकार की मंशा पर सवाल
खरसिया विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर खरीदी प्रक्रिया को जटिल बना दिया है,जिससे किसान परेशान होकर धान विक्रय से वंचित रह जाएं। औसत उत्पादन की आनावरी रिपोर्ट हर गांव में अलग-अलग होती है,कोई किसान रोपाई कर फसल अच्छा उत्पादन किया तों किसी किसान बुआई कर किया,जिससे अलग-अलग स्थानों पर किसानों के साथ भेद-भाव होगा।
आंदोलन की चेतावनी
खरसिया विधायक उमेश पटेल ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों का धान 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से नहीं खरीदा गया,तो वे किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा, “हम किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।”
यह बयान धान खरीदी को लेकर किसानों में उभर रहे असंतोष को और हवा दे सकता है।




