
संकल्प परिश्रम की राजनीति के उभरते राजनेता उमेश पटेल

शून्य से शिखर की ओर अग्रसर युवा नेता का जीवन

धीर गंभीर सहज व्यक्तित्व के साथ राजनीतिक दक्षता के धनी

रायगढ़ जिला के पश्चिमी छोर माण्ड नदी के पार स्थित ग्राम नंदेली के साधारण किसान परिवार स्वर्गीय महेंद्र सिंह पटेल गौटिया के द्वितीय पुत्र के रुप में राजनीति के चमकते सितारे रहे शहीद नंद कुमार पटेल एवं उनकी अर्धांगिनी श्रीमती नीलावती के घर आँगन में शहीद दिनेश पटेल, सरोजनी शशीकला के पश्चात घर परिवार का सबसे छोटा और परिवार का द्वितीय पुत्र रत्न के रूप में उमेश पटेल का जन्म 26 नवंबर 1983 को गांव घर में खुशहाली व उल्लास का संदेश लेकर आने वाले उमेश की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा नंदेली के प्राथमिक पाठशाला में ही संपन्न हुई तत्पश्चात रायपुर भिलाई दुर्गा के उच्च शिक्षा तकनीकी संस्थाओं में अपनी आगे की पढ़ाई पूर्णकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में जीवन की शुरुआत
◆ परिवार और विधान सभा क्षेत्र दोनो की सम्हाली जिम्मेदारी :
युवा उमेश पटेल के समक्ष जिस प्रकार की परिस्थिति उत्पन्न हुई उसमें दोहरी जिम्मेदारी का जन्म हुआ । प्रथम तो पिता के विरासत और खरसिया विधानसभा क्षेत्र के जनाकांक्षा को संभाल कर सुरक्षित रखना और दूसरी जिम्मेदारी थी परिवार पर आए असहनीय बज्राघात से खुद के साथ परिवार को भी उबाारना और सम्हालना । इस विषम परिस्थिति ने युवा मन और स्वप्न दृष्टा मस्तिष्क, सहज सरल हृदय को झकझोर कर रख दिया परंतु उमेश ने जिस दृढ़ता, धैर्य और आत्मबल के साथ परिस्थिति को अनुकूल बनाया वह उनके साहसिक, परिपक्व और धीर गंभीर व्यक्तित्व का परिचायक बना

19 मई 2013 को अपने जीवन साथी के रूप में बनहर निवासी कृषक परिवार की सुयोग्य सुधा पटेल का पदार्पण पारिवारिक जीवन में हुआ और पारिवारिक दायित्व की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी तो थी लेकिन नियति के नियत, विधि के विधान और भाग्य को कुछ और ही मंजूर था जीवन साथी के तौर पर सुख-दुख के हर क्षण में बड़ा संबल मिला।
नियति ने नियत किया सॉफ्टवेयर इंजीनियर का जनसेवा राहत की बदली पटरी

25 मई 2013 के दिन प्रदेश में घटी षड्यंत्र अप्रत्याशित घटना ने उमेश पटेल को सॉफ्टवेयर इंजीनियर का पेसा छोड़कर राजनीतिक क्षेत्र में पदार्पण के लिए खरसिया विधानसभा के चाहने वालों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पेशा छोड़कर राजनीति में पदार्पण के लिए विवश किया

शिक्षा और तकनीकी विकास की सबसे बड़ी और बुनियादी जरूरत है जिसके बूते नवीन समाज तथा राष्ट्र का निर्माण संभव है हर्ष की बात है कि प्रदेश के इन बुनियादी जरूरतों की जिम्मेदारी जिस मजबूत कंधे पर है वह कंधा प्रदेश के अमर शहीद नंदकुमार पटेल के द्वितीय सुपुत्र युवा कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल

हृदय विदारक घटनाक्रम क्रम के पश्चात जन अपेक्षाओं के अनुरूप राजनीति में शामिल हुए युवा ने

शहीद नन्द कुमार पटेल, शहीद दिनेश पटेल के शहादत के पश्चात विधान सभा क्षेत्र सहित प्रदेश में हुए शून्यता को धीरे-धीरे सही

अपने शहीद पिता और शहीद भाई दिनेश पटेल के पद चिन्हों का अनुसरण करते हुए युवाओं में राजनीतिक चेतना के वाहक बने सक्रिय राजनीति के अपने अब तक के सफर के दौरान खरसिया विधायक उमेश पटेल ने दो बार निरंतर विधानसभा चुनाव जीतकर संगठन तथा जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति करने में सफलता हासिल की राजनीति की शुरुआत में ही युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पूरे प्रदेश की युवा शक्ति को एकजुट करने का महारत हासिल कर

उमेश ने अपने राजनीतिक दक्षता व क्षमता दिल्ली तक साबित की हर सियासी चुनौती पर एक-एक कर विजय श्री नियंत्रण के साथ उमेश प्रदेश कांग्रेस से लेकर कांग्रेस आलाकमान तक में अपनी एक कद्दावर पहचान बनाने में कामयाब हुए, शहीद पिता- भाई की राजनीतिक विरासत जन अपेक्षाओं के साथ कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ संभालने वाले युवा क्षत्रप उमेश पटेल पर

सरकार का विश्वास इससे जाहिर होता है कि उन्हे शासन में आधा दर्जन महत्वपूर्ण

उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय सुपुर्द किया है जिले अथवा प्रदेश में सियासत की प्रत्येक स्पर्धा में विरोध और राजनीतिक आशंकाओं से बेपरवाह प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने कभी संकल्पों की भीड़ नहीं लगाई बल्कि कथनी से ज्यादा करनी में महत्त्व दिया ना केवल राजनैतिक बल्कि पारिवारिक सामाजिक राष्ट्रीय वैयक्तिक जीवन में भी उमेश पटेल की सादगी तथा जीवन शैली ने उन्हें युवाओं में एक आइकॉन के तौर पर स्थापित किया है ।

तो किसान से लेकर जवान तक समाज के सभी वर्गों में एक जिम्मेदार राजनेता की पहचान दिलाई है मूल्यों और आदर्शों की राजनीति करते राजनीतिक सुचिता के प्रतीक खरसिया विधायक उमेश पटेल की नवीन तथा मौलिक सोच सेवा की सदप्रवृति उन्हें जन जन के बीच लोकप्रिय बनाती है गहरे मानवीय सरोकारों से लबरेज उमेश ने बहुत ही कम समय में जीवन की विभिन्न धाराओं का स्पर्श किया छत्तीसगढ़ की राजनीति में जेंटलमैन के नेता उमेश पटेल की एक खासियत यह भी रही कि उन्होंने पसीना बहा मेहनत से जुटाए ज्ञान को बांटने में दलीय आग्रह को दूर रखा।
इस वजह से कांग्रेस के अलावा विपक्षी दलों में भी उमेश के प्रशंसक मौजूद है अपनी जिम्मेदारी के शत् प्रतिशत न्याय करते हुए उमेश पटेल ने जिले में एक विश्वविद्यालय की अनुपम सौगात दी है ।

प्रदेश में स्थापित हो रहे नए दौर के युवा राजनीति के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय चेहरे कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल अपनी मेहनत दूरदर्शिता तथा समस्त जन अपेक्षाओं की पूर्ति करने के साथ

जिले और प्रदेश को नया आयाम प्रदान करने में पूरी शिद्दत से जुटे हैं

ऐसे प्रेरणा स्रोत के लिए छत्तीसगढ़ के आसन के युवाओं की शुभकामनाएं हैं

नई तरह की राजनीति व्यवहार रफ्तार के साथ-साथ जिले की राजनीति में वन मैन शो उमेश पटेल छत्तीसगढ़ की राजनीति के आसमान पर सितारे की मानिंद चमक के साथ राजनीतिक आदर्शों की मीनार के तौर पर स्थापित हो….
युवाओं को हमेशा से ही राज्य ने एक अवसर के तौर पर बाजार में उपभोक्ता के तौर पर तथा समाज ने सजग शक्ति के रूप में स्वीकार किया है

युवा चेतना आज युवा राजनीति सदा से लोकतंत्र की मजबूती के लिए अहम रही है खरसिया विधान सभा क्षेत्र,

जिले में युवा चेतना और युवा राजनीति के एक ऐसी मिसाल खरसिया विधायक उमेश पटेल के तौर पर स्थापित हो रहे है जो नूतन विचार ऊर्जा शक्ति और साहस के समावेश से ना केवल अपने राजनीतिक जीवन को शून्य से शिखर बना रहे है बल्कि अपने परिश्रम और संकल्प से एक ऐसा राजनेता की छाप छोड़ने में कामयाब हुए हैं जो हर उस युवा वर्ग का प्रतीक है जिनमें हुनर के साथ आगे बढ़ने का जौहर भी मौजूद है….

✍जन्मदिन की अशेष मंगल कामनाएं….

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