संसद के नए मंदिर में लोकतंत्र की आत्मा का वास है – गोमती साय

रायगढ़। संसद के नए मंदिर में लोकतंत्र की आत्मा का वास है । क्षेत्र की जनता ने इस मंदिर में मुझे माथा टेकने भेजा है । लोकतंत्र के इस मंदिर में माथा टेकना मुझे गौरांवित कर रहा है। उक्त बाते क्षेत्र की सांसद गोमती साय ने नए भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान दिल्ली प्रवास के दौरान कही। नए संसद भवन के उद्घाटन अवसर पर गोमती साय मौजूद रही। उन्होंने कहा प्रधान मंत्री मोदी जी के हाथो से नए संसद भवन के उद्घाटन पर सेंगोल की स्थापना सनातन धर्म का यथोचित सम्मान है। यह सेंगोल करोड़ों देश वासियों को गुलामी के विचारों से मुक्त कराने का संदेश है।
मातृ भूमि के लिए अपने प्राणों का त्याग करने वाले वीर सावरकर का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा दाई रहेगा। नए संसद भवन से होने वाले हर फैसले स्वर्णिम भारत का निर्माण करेंगे ।कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक भारत श्रेष्ठ भारत की आवाज इस नए संसद भवन में गुंजाय मान होगी। इस नए मंदिर की इस प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर साक्षी बनने के अवसर को गोमती साय ने जीवन का ऐतिहासिक एवम गौरवशाली क्षण निरूपित किया।




