खरसियाछत्तीसगढ़

खरसिया विधायक उमेश पटेल का सरकार पर प्रहार – किसानों को खाद संकट से जूझने पर मजबूर क्यों?

नंदेली। खेती किसानी के सीजन में किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, इसे लेकर खरसिया विधायक उमेश पटेल ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को डी.ए.पी. खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, और भाजपा सरकार की व्यवस्थाएं पूरी तरह से फेल नजर आ रही हैं

विधायक उमेश पटेल ने कहा कि सोसायटियों से डीएपी खाद गायब है, जबकि निजी कृषि केंद्रों में भरपूर स्टॉक है और वहां यह खाद 1350 रुपए के बजाय 1800 रुपए तक बेचा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समितियों में दूसरी खेप अब तक नहीं पहुंची है, तो निजी दुकानों तक यह खाद कैसे पहुंच रही है? इससे स्पष्ट है कि किसी संरक्षण में ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उमेश पटेल ने कहा कि किसान खुले बाजार में महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं, कुछ तो सीमावर्ती ओडिशा जिलों तक जाकर खाद की व्यवस्था कर रहे हैं, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। एनपीके खाद जो विकल्प के तौर पर दिया जा रहा था, वह भी अब सोसायटियों में उपलब्ध नहीं है

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “किसानों के हित में जो भी करना पड़े, करेंगे। यह बेहद गंभीर मामला है, भाजपा सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर सभी समितियों में डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।

“किसानों को समय पर खाद नहीं मिलना, सरकार की नाकामी है,” ऐसा कहते हुए विधायक ने सवाल उठाया कि यह कैसी किसान हितैषी सरकार है, जो अन्नदाताओं को उनकी आवश्यकता के समय खाद तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है

खरसिया विधायक ने अंत में स्पष्ट किया कि किसानों के साथ यह छलावा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को जिम्मेदारी तय कर ब्लैक मार्केटिंग में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।


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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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