
कथावाचक पंडित पंकज तिवारी जी महाराज का आयोजन समितियों ने किया भव्य स्वागत
धरती पर जिस प्रकार मौसम में बदलाव आता है, उसी प्रकार जीवन में भी सुख-दुख आता जाता रहता है।
गिरीश राठिया @रायगढ़-खरसिया। खरसिया के ग्राम दर्रामुड़ा में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ 20 फरवरी सोमवार को भव्य कलश यात्रा निकालकर किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में माताओं-बहनों ने कलश यात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्य रूप से कथावाचक परम श्रद्धेय पंडित पंकज तिवारी जी महाराज, आचार्य मधुसूदन उपाध्याय, अखिल द्विवेदी, राजू महाराज, दीनबंधु महाराज, भुवनदास महाराज, पीलादास महाराज थे।

ग्राम दर्रामुड़ा के गौतम चौक स्कूल पारा में पटेल परिवार द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ 20 फरवरी सोमवार को भव्य कलश यात्रा निकालकर किया गया। इसके पूर्व कथावाचक परम श्रद्धेय पंडित पंकज तिवारी जी महाराज को लेने के लिए आयोजन समिति गांव दर्रामुड़ा से खरसिया शहर पहुंची। जहां सभी लोगों ने महाराज जी से मुलाकात कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।

खरसिया शहर से गाड़ियों का काफिला शहर के अन्दर से भ्रमण करते हुए डीजे साउण्ड के साथ निकली और नेशनल हाईवे से होते हुए ग्राम दर्रामुड़ा के पावन धरा में पहुंची। जहां सर्वप्रथम महाराज जी का काफिला गांव भ्रमण करते हुए कथा स्थल पहुंची।

इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा के आयोजकों तथा समितियों द्वारा कथावाचक श्री तिवारी जी महाराज का भव्य स्वागत करते हुए पूजा-अर्चना कर उन्हें गृह प्रवेश कराया, वहीं उपस्थित सभी लोगों के लिए आयोजन समितियों द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई थी, जहां सभी ने जलपान ग्रहण किया।
⭕भव्य कलश यात्रा के साथ कथा का हुआ शुभारंभ
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के अवसर पर गांव दर्रामुड़ा में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा स्थल-गौतम चौक से निकली कलशयात्रा गांव भ्रमण करते हुए आगे-आगे कर्मा नृत्य और डीजे साउण्ड में राधे-राधे का नाम लेते हुए कलश यात्रा मांड नदी की ओर निकली।
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इस दौरान गांव के लोगों ने जगह-जगह कथावाचक श्री तिवारी जी महाराज का श्रीफल भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। कलश यात्रा धीरे-धीरे गांव भ्रमण करते हुए पवित्र मांड नदी पहुंची, जहां गंगा मैया की विधिवत पूजा-अर्चना कर मंगल कलश में पवित्र जल को भरकर पुनः कलश यात्रा कथा स्थल की ओर रवाना हुई। कलश यात्रा में हजारों की संख्या में माताओं-बहनों ने हिस्सा लिया।

मांड नदी से जलकर भरकर निकली कलशयात्रा धीरे-धीरे गांव से गुजरते हुए कथा स्थल पहुंची। जहां विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा स्थल में मंगल कलश स्थापित की गई। वहीं आरती के पश्चात् प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति द्वारा उपस्थित सभी लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। जहां सभी लोगों ने भोजन ग्रहण किया। ग्राम दर्रामुड़ा में श्रीमद्भागवत कथा शुभारंभ भव्य कलश के साथ किया गया।
इस दौरान मुख्य रूप से पंडित पंकज तिवारी जी महाराज, आचार्य मधुसूदन उपाध्याय, अखिल द्विवेदी, राजू महाराज, दीनबंधु महाराज, भुवनदास महाराज, पीलादास महाराज उपस्थित थे।

जहां भागवत कथा होती है वहां अमृत बरसता है,कथा सुनने से होते है लाभ
निकटवर्ती गांव दर्रामुड़ा में सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बालकृष्ण का अभिषेक किया। महाराज ने कहा कि माता-पिता बच्चों को संस्कारवान बनाएं। उन्हें धर्म के ज्ञान से जोड़ें। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य जीवन के कल्याण की कथा है। जहां भागवत कथा होती है, वहां नित्य अमृत बरसता है और जो इस अमृत कथा का रसपान कर लेता है, उसका जीवन अमृतमय हो जाता है।
भाग्यशाली भक्त ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का श्रवण करता है। पंडित पंकज तिवारी जी ने कहा कि मायावादी,भगवान को निराकार बताते हैं जबकि भगवान साकार हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण से आप कोई भी संबंध बना सकते हो,कोई भगवान कृष्ण को भाई मानता है, कोई पिता तो कोई पति पर अन्य देवी देवता से आप का सेवक व भगवान के अलावा और कोई संबंध नहीं होता।




