शिक्षक दिवस: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित की गई कश्मीरी स्कूल टीचर

जिले के बाहरी इलाके में स्थित गुलाब बाग के बॉयज मिडिल स्कूल की शिक्षिका रूही सुल्ताना को इस साल शिक्षण क्षेत्र में सराहनीय सहयोग के लिए सम्मानित किया गया है।
एजुकेशन मंत्रालय द्वारा हर वर्ष देश में एजुकेशन को बढ़ावा देने के साथ शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए नेशनल टीचर अवार्ड प्रदान किए जाते हैं। COVID-19 महामारी (Corona Pandemic) के कारण इस बार इन पुरस्कारों को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने वर्चुअल मोड से प्रदान किया।
शिक्षा मंत्रालय ने प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को सिखाने व पढ़ाने में शिक्षिका रूही सुल्ताना के तौर-तरीकों की सराहना करते हुए उन्हें इस अवार्ड से नवाजा।
लो कोस्ट नो कोस्ट मंत्र से कामयाबी
यह कार्य उन्हें ने चुनौतीपूर्ण समय होने के बावजूद किया है। रूही सुल्ताना ने अपने एजुकेशन में लो कोस्ट नो कोस्ट नीति अपनाई जिससे उनके स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या व बच्चों की पढ़ने में रुचि बढ़ाने में सहायता मिली। उन्होने पॉकेट बोर्ड, यूटिलिटी कार्ड, ट्रेसिंग बोर्ड व अन्य चाइल्ड फ्रेंडली चीजों का उपयोग किया। इस इनोवेशन से जहां बच्चों के घरवालों का पैसा बचा वहीं पढ़ाई में उनकी दिलचस्पी भी बढ़ गई।
कश्मीर की शिक्षिका का इनोवेशन
रूही सुल्ताना ने बोला बच्चों को हम उन चीजों से पढ़ाते व सिखाते हैं जिन चीजों को लोग अक्सर बेकार समझ कर फेंक देते हैं। रूही के हौंसलों को इस पुरस्कार से नयी उड़ान मिली है। ये पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होने पढ़ाने के साथ बच्चों के ज़िंदगी को सुधारने का भी कार्य किया है।
देश भर में तीन चरणों पर औनलाइन प्रक्रिया के बाद इस बार 47 अध्यापकों को नेशनल टीचर अवार्ड से सम्मानित किया जिसमें अकेली रूही सुल्ताना ने सारे प्रदेश का नाम रोशन किया।




