छत्तीसगढ़

क्रीड़ा परिसरों में व्यवस्था सुधार करें अधिकारी : शम्मी आबिदी

आदिम जाति विभाग आयुक्त ने की प्रदेश में संचालित 19 क्रीड़ा परिसरों की समीक्षा

रायपुर आदिम जाति विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने आदिम जाति विभाग द्वारा संचालित सभी क्रीड़ा परिसरों में व्यवस्था सुधार के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्रीड़ा परिसरों में रिक्त सीटों को शीघ्र भरने के लिए अपने क्षेत्र में पर्याप्त प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती आबिदी सोमवार को इंद्रावती भवन में विभागीय क्रीड़ा परिसरों के उचित कियान्वयन के संबंध में विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थी। समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, क्रीड़ा परिसरों के व्यायाम शिक्षक और कोच उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में विभाग के अंतर्गत 16 जिलों में कुल 19 क्रीड़ा परिसर संचालित किए जा रहे हैं। इन कीड़ा परिसरों में 100 सीट मान से कुल 1900 सीट स्वीकृत हैं। प्रत्येक क्रीड़ा परिसर में प्रत्येक विद्यार्थी को वर्ष में एक बार 3 हजार रूपए की संपूर्ण खेल पोषाक दी जाती है। इसमें एक जोड़ी ट्रैक सूट, एक जोड़ी स्पोटर्स या वार्मअप शूज, दो जोड़ी मोजा एवं दो जोड़ी खेल पोषाक शामिल है।

समीक्षा बैठक में विभागीय क्रीड़ा परिसरों में स्वीकृत एवं रिक्त सीटों पर चर्चा की गई। इसके अलावा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की क्रीड़ा प्रतियोगिताओं एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में खेल विधावार प्राप्त पदक पर चर्चा की गई। विदित हो लगभग सभी विभागीय क्रीड़ा परिसरों के बच्चों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। यदि इन्हें बढ़िया ट्रेनर के सानिध्य में प्रशिक्षण दिया जाए, तो इनका प्रदर्शन और निखर सकता है।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा क्रीड़ा परिसरों में अच्छी जिम की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया। जिन क्रीड़ा परिसरों की बाउंड्रीवाल नहीं है उनमें सुरक्षा की दृष्टि से शीघ्र चार दीवारी बनवाए जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कक्षा 12वीं के बाद लगभग 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर प्रदेश के चार जिलों जगदलपुर, अंबिकापुर, रायपुर एवं दुर्ग में क्रीड़ा परिसर के बच्चों को कॉलेज शिक्षा तक रहने की सुविधा दिए जाने का सुझाव दिया गया। जिससे एक ओर जहां उनके अनुभव का लाभ जूनियर बच्चों को मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर कॉलेज स्तर पर खेल प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने पर संबंधित क्रीड़ा परिसर का भी नाम होगा। साथ ही कक्षा 12वीं के बाद बच्चों को क्या-क्या अवसर मिल सकते हैं, इस संबंध में उनकी कॅरियर काउंसलिंग कराने का भी सुझाव भी दिया गया।

क्रीड़ा परिसरों में आधारभूत सुविधाओं को सुधारने, बच्चों को अच्छी क्वालिटी की खेल सामग्री एवं खेल पोषाक उपलब्ध कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। कुछ जिलों में स्वीमिंग पुल भी बनाने का अनुरोध प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। श्रीमती आबिदी द्वारा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि क्रीड़ा परिसरों में अच्छे खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य से अन्य विभागों जैसे खेल विभाग, युवा एवं कल्याण विभाग आदि से भी समन्वय कर लाभ लिया जा सकता है। बैठक में अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. चंद्रनाथ वाजपेयी सहित विभाग के समस्त कोच एवं सहायक कोच तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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