

जिले के कोल डिपो में अलटी-पलटी का खेल जोरों पर है। शहर के एक ट्रांसपोर्टर की दो गाडिय़ों में कोयले में मिलावट कर दी गई। गाड़ी जब आरकेएम पावरजेन पहुंची तो कोयला रिजेक्ट कर दिया गया। ओडिशा के गर्जनमाल खदान से कोयला लेकर दो ट्रेलर आरकेएम पावरजेन पहुंचे थे। थाना कोतवाली में ट्रांसपोर्टर अंकित अग्रवाल निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी ने रिपोर्ट की थी। अंकित को आरकेएम का डीओ मिला था जिसमें ओडिशा के गर्जनमाल से कोयला परिवहन किया जाना था। शहर के ही एक ट्रांसपोर्टर की गाड़ी लेकर उठाव कराया। जी-15 ग्रेड का कोयला लेकर वाहन क्रमांक सीजी 13 डी 6560 और सीजी 13 एल 4156 जब आरकेएम पावरजेन लिमिटेड उच्चपिंडा डभरा पहुंचे तो प्लांट प्रबंधन ने रुटीन चेक किया। कोयले की क्वालिटी खराब निकली। बिल्टी अनुसार दोनों वाहनों में करीब 31-31 टन कोयला लोड था।
जब ट्रांसपोर्टर का सुपरवाइजर गाड़ी को चेक करने गया तो दोनों ड्रायवर भाग गए थे। कोतवाली में वाहन चालकों पर धारा 406, 420 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया था। कोतवाली टीआई मनीष नागर के नेतृत्व में प्रार्थी ट्रांसपोर्टर और ट्रेलर मालिक से पूछताछ करने पर पता चला कि ट्रेलर सीजी 13 एल 4156 का ड्राइवर दिनेश पाल एवं ट्रेलर सीजी 13 डी 6560 का चालक राजेंद्र विश्वकर्मा है। दोनों ड्राइवरों से पूछताछ करने पर बताया कि गर्जनमाल (ओडिसा) खदान से जी-15 ग्रेड का कोयला ट्रेलर में लोड कर थाना क्षेत्र के कोल डिपो में अनलोड किया था। डिपो संचालक प्रेम नोनिया से मिलीभगत कर लाखा में 14-14 टन कोयला निकाल कर थाना क्षेत्र के कोल डिपो में जाकर खराब कोयला लोड किया था।
आरोपी ड्रायवरों के बयान पर पुलिस ने दोनों वाहनों समेत लाखा से अच्छा कोयला करीब 28 टन जब्त किया गया है। ड्राइवर राजेंद्र विश्वकर्मा उसके भाई धर्मेंद्र विश्वकर्मा के कहने पर कोल डिपो संचालक से मिलकर अफरा-तफरी की। पुलिस ने धर्मेंद्र विश्वकर्मा निवासी भगवानपुर, कोल डिपो संचालक प्रेम नोनिया निवासी बोरियाखुर्द रायपुर एवं दोनों ड्राइवर दिनेश पाल निवासी दीनदयाल कॉलोनी और राजेंद्र विश्वकर्मा निवासी कृष्णापुर को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है।
किस डिपो में खाली हुआ कोयला

फाईल फोटो
कोतवाली पुलिस ने महज तीन दिनों में केस सुलझा लिया। ओडिशा के गर्जनमाल से क्षेत्र के किस कोल डिपो में गाड़ी गई, यह सवाल अनुत्तरित रह गया है। पुलिस कार्रवाई में भी यह उजागर नहीं किया गया है। स्मार्ट ग्राम क्षेत्र के डिपो में लंबे समय से कोयले की अफरा-तफरी की जा रही है इसकी भनक किसी को नही लगा हो ऐसा हो सकता है या कुछ और…?
पुलिसिया कार्रवाई में दो गाड़ीयां पकड़ा तो गया है लेकिन अवैध खेल को पूरी तरह उजागर नहीं हो सका या नही किए यह बड़ी जांच का बिषय है? पर्दे के पीछे कोयला,छाई के खेल के बड़े खिलाड़ी के गिरेबान तक पहुच पाएगा कानूनी पकड़ ?




