
रायगढ़ ।कब-कब कौन से सटोरिए को पकड़वाना है, और उससे कितनी राशि जब्त की जानी है। इस बात का भी फैसला बड़े सटोरिए अपने ठीहे से करते हैं। उच्चाधिकारियों की डांट-फटकार के बाद थाने के द्वारा तो सट्टा और जुआ के विरुद्ध कार्यवाही की जाती है,लेकिन यह कार्यवाही सिर्फ कागजी खानापूर्ति में सिमट कर रह जाती है। ऐसा अखबारों के पन्नों मे देखे, पढते,कहते जरुर सूना लेकिन खाखी का एक दूसरा रुप बहुत कम जगह देखने सुनने पढने को मिलता…
मानवीय संवेदना एक ऐसा सार्वभौमिक परंतु व्यक्तिनिष्ठ मनोभाव है जिसका उद्देश्य केवल मनुष्य समाज का ही नहीं, अपितु समस्त जीवों का हित है और जिसकी मूल भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की व्यावहारिक जीवंतता है।
कोतवाली रायगढ़ पुलिस ने मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की है । इलाहाबाद (वर्तमान में प्रयागराज) से आकर जिले के कोसमनारा में बसे एक श्रमिक परिवार की महिला नर्मदा तिवारी का दिनांक 18 मई 2022 को स्वांस की लंबी बीमारी के बाद केजीएच में निधन हो गया । महिला के पति का दो साल पहले निधन हो चुका है । मृतिका अपने पीछे दो बच्चे क्रमश: लड़की 16 साल और लड़का 8 साल को छोड़कर चली गई, महिला का शव दो दिनों तक मच्यूरी में रखा था ।
पुलिस के इस नेक कार्य की जानकारी पर समाजसेवी संस्था मां फाउंडेशन रायपुर के स्थानीय सदस्यगण सहयोग के लिये आगे आये । महिला हिंदू होने के कारण महिला के बेटे ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार महिला का अंतिम संस्कार किया गया, उनकी अस्थि पवित्र नदी में प्रवाहित किया जावेगा। शव के अंतिम संस्कार के बाद महिला के दोनों बच्चों को देखभाल के लिये चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया है ।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जब इसकी जानकारी हुई तो टीआई नागर और उनके स्टाफ की सराहना किये । इस मानवीय सेवा को निभाने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष नागर, प्रधान आरक्षक नंदकुमार सारथी, प्रधान आरक्षक हेमंत पात्रे, आरक्षक विनोद शर्मा, आरक्षक सुरेंद्र यादव और मां फाउंडेशन रायपुर, रायगढ़ के सदस्य निमेश पाण्डेय, बबलू गुप्ता और साथीगण मौजूद रहे ।




