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थाने के शिव मंदिर में पुलिस ने प्रेमी जोड़े की कराई शादी.. जानिए पुलिस ने थाने में ही क्यों कराई शादी?

परिजनों को रिश्ता मंजूर नहीं हुआ तो सजातीय प्रेमी युगल ने पुलिस से मांगी थी मदद
रायगढ़। सामुदायिक पुलिसिंग की वजह से अब धीरे-धीरे ही सही, लेकिन खाकी वर्दी की छवि सकारात्मक रूप से बदलने लगी है। पहले जहां थानों में चोर-उचक्कों का ही आना-जाना होता था, वहीं अब आमजन भी अपनी व्यक्तिगत समस्या को सुलझाने पहुंचने लगे हैं। पुलिस भी उन्हें निराश नहीं कर रही है। ऐसा ही एक दिलचस्प मामला बरमकेला में हुआ, जहां एक प्रेमी युगल परिजनों के विरोध को देखते हुए पुलिस के पास पहुंच गए। थानेदार ने दोनों की बात ध्यान से सुनीं और समाज के लोगों को बुलाकर न केवल समझाईश देते हुए थाना परिसर के शिव मंदिर में ही दोनों की शादी भी कराई।

बरमकेला थाने में सोमवार को एक अलग ही नजारा दिखा। शादी घर जैसी खुशियां छाई हुई थीं। हो भी क्यों न, थाने परिसर में ही युवक-युवती की शादी जो हुई। इसके साक्षी भी पुलिस के साथ गणमान्य नागरिक बने। बताया जाता है कि ग्राम लामीपाली की चंद्रकांति पटेल (23 वर्ष) और पड़कीपाली के दैतारी पटेल (23 वर्ष) दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाला प्रेमी जोड़ा शादी भी करना चाहते थे। हालांकि, एक ही जाति और समाज के होने के कारण इसमें अड़चन नहीं थी, लेकिन उनके घरवाले तैयार नहीं थे। ऐसे में दोनों कहीं भाग भी सकते थे, लेकिन दोनों ने ऐसा नहीं किया और बरमकेला थाना पहुंच गए। प्यार की मंजिल पाने की आस में थाने की दहलीज पर पहुंचे प्रेमी युगल ने टीआई लक्ष्मण प्रसाद पटेल के समक्ष आपबीती बताते हुए ताउम्र एक दूजे के संग जिंदगी गुजारने की तमन्ना भी जताया।

थाना प्रभारी ने दोनों की बात सुनकर अघरिया समाज के बरमकेला परिक्षेत्र के अध्यक्ष को बुलाया और दोनों की शादी कराने की बात कही। इस पर उन्होंने भी हामी भरी। फिर क्या, थाना परिसर के ही शिव मंदिर में दोनों की वैवाहिक रस्म की अदायगी हुई। पंडित ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि विधान से शादी कराई। वहीं, प्रेमी जोड़े ने भी अग्नि के समक्ष सात फेरे लेते हुए नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया। थाना परिसर में बेहद सादगी, लेकिन गरिमामय वातावरण में हुए इस प्रेम विवाह में अघरिया समाज के गणमान्य लोगों के साथ पुलिस के जवान भी शामिल हुए और नवदंपत्ति को खुशगवार जीवन यापन करने का आशीर्वाद दिया। वहीं, थानेदार ने भी दो परिवार को नए रिश्ते की डोर में बांधते हुए न केवल वर-वधू को बधाई दी, बल्कि उनके परिजनों को भी इस आदर्श विवाह के लिए प्रोत्साहित किया।

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