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डॉ. प्रकाश मिश्रा उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति के नए अध्यक्ष…

रायगढ़। उत्कल दिवस के पुनीत अवसर पर उत्कल संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए वन्दे उत्कल जननी के जयघोष के साथ उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति ने आमसभा का आयोजन किया। आम सभा में पूर्व एवं वर्तमान स्थिति को देखते हुए विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही समिति के संचालन के लिए नियमत: नए एवं ऊर्जावान कार्यकारिणी की घोषणा सर्व सहमति से की गई। उत्कलियों ने उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति की बागडोर मजबूत, अनुभवी, कर्मठ एवं सरल कंधों को सौंपने का निर्णय लिया।

उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति के नए अध्यक्ष डॉ. प्रकाश मिश्रा तथा उपाध्यक्ष बंशी गुरु, उपाध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी सचिव देवेश षड़ंगी, सह-सचिव सत्यकाम पंडा, सह-सचिव नरेश गुरु कोषाध्यक्ष रामकुमार मिश्रा को बनाया गया। साथ ही उत्कल समाज द्वारा संचालित भवानी शंकर षड़ंगी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के संरक्षक के तौर पर देवेश षड़ंगी एवं अध्यक्ष बसंत कुमार पंडा उपाध्यक्ष नागेंद्र आचार्य सचिव रमेश पाणी सह-सचिव शैलेश नामदेव कोषाध्यक्ष संतोष कुमार नंदे साथ ही सत्यकाम पंडा, राजेंद्र षड़ंगी, श्याम किशोर प्रधान, चंद्रप्रकाश पंडा, शैलेश नंदे, गोपाल त्रिपाठी, किरण मिश्रा, पूनम पांडेय जदुनंदन रथ, रत्थूलाल गुप्ता को कार्यकारिणी सदस्य बनाकर स्कूल समिति की टीम निर्धारित की गई, साथ ही साथ उत्कल समाज की महिला विंग उत्कलिका में अध्यक्ष विपुला मिश्रा, उपाध्यक्ष आभा षड़ंगी, सचिव शोभा षड़ंगी, सह-सचिव लीना मिश्रा एवं अनिता साहू कोषाध्यक्ष विनीता पाणी को नियुक्त किया गया।

उत्कल समाज द्वारा संचालित नीलांचल धर्मशाला प्रबंधन के लिए अरुण गुरु एवं धर्मशाला समिति में विनायक षड़ंगी, कृष्णा मिश्रा, मनीष मिश्रा, संजय पंडा की टीम निर्धारित कि सभा दौरान समाज के कार्यपद्धति एवं क्रियाकलापों पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी दिनेश षड़ंगी एवं कोषाध्यक्ष नारायण प्रसाद मिश्रा को सर्वसम्मति से चयनित किया। सभा के दौरान श्री जगन्नाथ मंदिर एवं रथ यात्रा को और भी आकर्षित बनाने के लिए विशेष निर्णय लिया गया। जैसा कि महाप्रभु जगन्नाथ का सुना भेष (सोना भेष) रायगढ़ जिले में ही नहीं वरन् पूरे छत्तीसगढ़ में आकर्षण का केन्द्र रहा है, अब इस वर्ष आकर्षण को और ज्यादा बढ़ाने के लिए श्री जगन्नाथ धाम (जगन्नाथपुरी) की तर्ज पर रियासत कालीन श्री श्री जगन्नाथ मंदिर मोती महल के समीप सिंह द्वार का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही साथ श्री महालक्ष्मी मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है। जगन्नाथपुरी की तरह यहां भी भोगशाला का निर्माण कार्य जा रहा है। सिंहद्वार एवं अन्य निर्माण जगन्नाथपुरी के विशेष कारीगरों द्वारा किया जा रहा है।

श्री जगन्नाथपुरी की भांति अब प्रति वर्ष रथोत्सव के अवसर पर रियासत कालीन श्री श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु श्री जगन्नाथ का सुना भेष (सोना भेष) तथा पाक मेला के साथ भव्य सिंह द्वार भी मुख्य आकर्षण के केन्द्र होंगें। इसके अतिरिक्त लोगों को मंदिर से जोडऩे के लिए ध्यानाकर्षण के अन्य प्रयास भी किये जाएंगे। उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति के समस्त पदाधिकारीगण एवं सदस्यों की ओर से रायगढ़ एवं अन्यत्र स्थानों की जनता-जनार्दन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों में अपना योगदान एवं श्रमदान देने का आग्रह किया हैं। समिति ने महाप्रभु की सेवा का अवसर अधिक से अधिक लोगों को प्राप्त हो, इस पर विचार करते हुए आवश्यकता अनुसार निर्णय लिया गया है।

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