

बैठक में कलेक्टर सिंह ने मुख्यत: विभागीय योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और गौठानों में संचालित होने वाली गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर सिंह ने कहा कि शासन की योजना के तहत गौठानों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) विकसित किये जा रहे है, जिसमें पारंपरिक व्यवसायों को सहेजने संवारने की पहल भी की जा रही है। कलेक्टर सिंह ने कहा कि विभिन्न समूहों के बांस, मिट्टी से बने उत्पाद, तेल पेराई जैसे पारंम्परिक कार्यो को गौठानों की मल्टी एक्टीविटी में शामिल किया जा रहा है। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि बंसोड़ समुदाय को कार्य करने के लिए गौठान में जगह उपलब्ध करायी गयी है तथा उन्हें वन विभाग द्वारा बांस प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी चिन्हांकित गौठानों में मल्टी एक्टीविटी के तहत आजीविका मूलक कार्यों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण की जानकारी ली और कम्पोस्ट के तत्काल उठाव करवा कर समितियों में भंडारित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सिंह ने रेशम विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि रेशम के ताने जिले में तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रेशम के ताने तैयार होने पर उसे बुनकरों को कपड़ा तैयार करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। एफआरए के तहत किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि विभाग द्वारा वनअधिकार पत्र वितरण, कुऑ, डबरी निर्माण एवं समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि केसीसी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर सिंह ने पशुपालन, मछली एवं उद्यान विभागों को केसीसी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने धरमजयगढ़ विकासखण्ड के खलबोरा में विभागों द्वारा तैयार किए गए योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को हितग्राहियों के प्रशिक्षण के साथ उनको उपलब्ध करायी जाने वाली सामग्री व उपकरण तथा निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने के लिए कहा। जिले में नाबार्ड द्वारा आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्टÓ के तहत टोमेटो प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कहा। साथ ही उन्हें टे्रनिंग प्रोग्राम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल, सहायक संचालक जिला पंचायत महेश पटेल, सहायक आयुक्त आदिवासी अविनाश श्रीवास, उप संचालक रेशम कंवर सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




