

बालाजी मेट्रो अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. मनोज पटेल कहते हैं: ”कई लोगों को कैंसर की बीमारी को लेकर बहुत सी गलतफ़हमी रहती हैं जैसे- इसको छूने से भी कैंसर फैलता है, जिसके वजह से लोग कैंसर के रोगियों से अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। लोगों की इस धारणा को बदलने के लिए एवं कैंसर के खतरों के बारे में जागरुक और इसके लक्षण से लेकर इसके बचाव के बारे में जानकारी देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। कैंसर के आम कारणों में धूम्रपान, तम्बाकू, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब डाइट, एक्स-रे से निकली रेज़, सूरज से निकलने वाली यूवी रेज़, इंफेक्शन, फैमिली के जीन आदि होते हैं।”
बेहतर जांच और इलाज संभव
आज कैंसर को लाइलाज कहना तो गलत है लेकिन कैंसर से होने वाला नुकसान कई बार आम आदमी की जिंदगी खत्म कर देता है। पिछले कुछ सालों में कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। आज के समय में कैंसर के लिए बेहतर जांच और इलाज उपलब्ध हैं, जिनकी बदौलत मरीज पहले से कहीं अधिक समय तक जीवित रह रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि नियमित जांच कराने से बीमारियां जल्दी पकड़ में आती हैं और उनका इलाज आसान हो जाता है। कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर कहां है, कितना बड़ा है और यह आस-पास के अंगों या ऊतकों को कितना प्रभावित करता है। यदि कैंसर फैल गया है, तो शरीर के विभिन्न हिस्सों में लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

समय पर हो पहचान : सीएमएचओ डॉ. केशरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केशरी कहते हैं: “कैंसर आज दुनिया में एक ऐसी बीमारी बन चुकी है जिसका नाम सुनते ही लोग बहुत परेशान हो जाते हैं।जानकार मानते हैं कि कैंसर लाइलाज नहीं है बस जरूरत है इसका सही समय पर पता चलने की और सही इलाज की। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पूरे विश्व में समस्या का विषय है और इस बीमारी का इलाज पता करने की जिम्मेदारी न केवल डॉक्टरों व वैज्ञानिकों की है बल्कि हममें से हर किसी की है। जिले में सर्वाइकल कैंसर के संभावित मरीजों की खोज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मसौदा तैयार कर लिया है। जिसे शिक्षा विभाग के माध्यम से सर्वे किया जाएगा ताकि सर्वाइकल कैंसर की जल्द से जल्द से पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।“
कैंसर के लक्षण
आमतौर पर शरीर के किसी भी भाग पर ऊतकों में असामान्य रूप से गांठ बनना या उभार आना कैंसर हो सकता है। कोशिकाओं का असामान्य तौर पर वृद्धि करना और अनियंत्रित रूप से विभाजित होने से कैंसर होता है।कैंसर के किसी भी लक्षण के दिखने पर उसकी जांच तुरंत करवाए जाने की ज़रूरत है और कैंसर के लक्षणों को भी आसानी से पहचाना जा सकता है। कैंसर का पता बायोप्सी नामक टेस्ट से चलता है। इसके बाद कैंसर का पता लगाने के बाद जो इलाज किया जाता है, उसमें कीमोथेरेपी प्रमुख है। कीमोथेरेपी कैंसर के असर को कम करने के लिए दी जाती है। उदाहरण के लिए अगर कैंसर चौथी स्टेज पर हो तो यह थैरेपी इसे दूसरी स्टेज पर ले आती है। यह हर तरह के कैंसर में नहीं दी जा सकती। इसी तरह रेडियोथेरेपी शरीर में कैंसर के ऊतकों को कम करने के लिए दी जाती है।
कैंसर की रोकथाम के कुछ उपाय
• सिगरेट व शराब का सेवन कम करें इनसे फेफड़ों, सिर व गले के कैंसर का खतरा हो सकता है।
• ज्यादा तला भुना व वसा युक्त भोजन कम खाएं, इससे ब्रेस्ट व प्रोस्ट्रेट कैंसर का खतरा होता है।
• स्वस्थ रहने के लिए रोज व्यायाम करें। फेफड़ो के कैंसर से बचने के लिए किसी भी प्रकार के केमिकल्स जैसे फंगीसाइड, इंसेक्टिसाइड, पेन्ट, क्लीनर से दूर रहें। गर्मियों के मौसम में सूरज की किरणों के संपर्क में आने से बचें, ऐसा करके आप स्किन कैंसर से बच सकते हैं।
• अपनी सुरक्षा के लिए ब्रेस्ट व प्रोस्ट्रेट कैंसर से बचने के लिए कुछ रेगुलर चेकअप कराते रहें।




