
खरसिया। मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जैमुरा में प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को उद्योग के अपशिष्ट सामग्री से पाट दिए जाने के कारण रिहायशी क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्य ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना किया गया है, जिससे रिहायशी इलाक़े के कई घरों में पानी भर गया है और स्थिति दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक व्यक्ति, निजी उद्योग ने गांव के समीप प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को दस फीट तक अपशिष्ट डालकर पाट दिया है। यह अपशिष्ट अब जल प्रवाह को अवरुद्ध कर रहा है, जिससे बारिश के पानी की निकासी रुक गई है। परिणामस्वरूप जैमुरा के दर्जनों घरों में पानी घुस चुका है,और हालात ऐसे बन गए हैं कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई तो कई घर पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं।
स्थानीय निवासी ने बताया कि,पहले यह पानी सीधे बह जाता था, लेकिन अब रास्ता बंद कर दिया गया है। हमें डर है कि और बारिश हुई तो घरों में पानी ही पानी होगा। प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।
पंचायत प्रतिनिधियों ने जताई नाराज़गी:
ग्राम पंचायत के सदस्यों ने भी इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पंचायत से बिना अनुमति के इस प्रकार रिहायशी क्षेत्र में अपशिष्ट सामग्री डालना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यह जन-जीवन को सीधा खतरे में डालने जैसा है। पंचायत ने संबंधित उद्योग के खिलाफ जांच एवं त्वरित कार्यवाही की मांग की है।
प्रशासनिक चुप्पी सवालों के घेरे में:
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिससे लोगों में रोष और चिंता दोनों बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति नहीं संभाली गई तो यह मामला बड़ा पर्यावरणीय और सामाजिक संकट बन सकता है।
मांग की गई है कि:
- तत्काल अपशिष्ट को हटाया जाए
- जल निकासी व्यवस्था बहाल की जाए
- दोषी व्यक्ति,उद्योग पर जुर्माना एवं विधिक कार्यवाही की जाए
- भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगे
यह केवल एक गांव का संकट नहीं है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि विकास के नाम पर अगर प्रकृति और नियमों की अनदेखी की गई तो उसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ेगा।

प्रशासन से अपील है कि समय रहते हस्तक्षेप कर जैमुरा के लोगों को इस जल संकट से उबारे।




