
रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह के निर्देशन एवं शिक्षकों के समन्वित प्रयास से रायगढ़ जिले में बच्चों के मूल्यांकन के लिए बनाई गई मूल्यांकन योजना का क्रियान्वयन रायगढ़ जिले में किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में यह अभिनव पहल रायगढ़ जिले में किया जा रहा है। जि़ला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी.आदित्य, डीएमसी रमेश देवांगन के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में अभी तक बच्चों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पढ़ाए गए विषयों के मूल्यांकन करने हेतु एक अभिनव योजना बनाई गई है। इस योजना के अभिनव पहल अंतर्गत, मूल्यांकन का कार्य 1 अक्टूबर से चालू होगा। प्रतिदिन कक्षा तीसरी से बारहवीं तक एक विषय का मूल्यांकन होगा।
जिसमें 5-5 अंक के 4 प्रश्न होंगे, अर्थात कुल 20 अंकों का मूल्यांकन होगा। प्रतिदिन एक विषय के प्रश्न ही दिए जाएंगे। इस प्रकार 1 सप्ताह में सभी विषय का चक्र पूरा होगा। बच्चों को मूल्यांकन कार्य के लिए प्रश्न दिए जाएंगे। इसका उत्तर बच्चे घर से लिख कर लाएंगे। किसी भी स्थिति में विद्यालय में परीक्षा नहीं होगी। ऑनलाइन मूल्यांकन के लिए भी प्रश्न दिए जाएंगे। निश्चित समय देकर ऑनलाइन उत्तर नहीं लिया जाना है। विद्यार्थी उत्तर घर से लिखकर दूसरे दिन अपनी सुविधा अनुसार स्मार्टफोन है तो ऑनलाइन वेबसाइट में सबमिट करते हुए हार्ड कॉपी अलग से जमा करेंगे एवं स्मार्टफोन ना होने की स्थिति में ऑफलाइन हार्ड कॉपी सुविधानुसार जमा करेंगे।
बच्चों के द्वारा जमा किए गए उत्तर पुस्तिकाएं ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों प्रकार की जांच शिक्षक 1 सप्ताह के भीतर करके उत्तर पुस्तिका जांच कर वापस करेंगे तथा सभी शिक्षक उसके द्वारा अपने स्कूल में अध्ययनरत सभी छात्रों का प्राप्त अंकों का रिकॉर्ड पंजीबद्ध करके रखेंगे। जिसका सत्यापन संकुल शैक्षिक समन्वयक एवं संस्था प्राचार्य करेंगे। प्रत्येक विषय के जो प्रश्न दिए जाएंगे उसका मॉडल उत्तर अगले सप्ताह में जारी किया जाएगा।
कक्षा 3 से 5 तक प्रश्नपत्र ऑफलाइन दिए जाएंगे। लेकिन कक्षा 6 से 12 तक प्रश्न ऑनलाइन ही दिए जाएंगे। जहां नेटवर्क की सुविधा नहीं होगी केवल वही ऑफलाइन प्रश्न दिए जाएंगे। प्राथमिक स्तर में पहली और दूसरी में मूल्यांकन अनिवार्य नहीं होगा। किंतु कक्षा 3 से 5 वीं अनिवार्य होगा तथा विद्यालय के सुविधा अनुसार प्रश्न ऑनलाइन या ऑफलाइन दिए जा सकेंगे। कक्षा 3 से 12 वीं तक सभी स्तर के प्रश्न जिले स्तर से 1 दिन पूर्व जारी किए जाएंगे यही प्रश्न बच्चों को दिया जाना है।
जिन शालाओं में व्यावसायिक के विषय लागू हैं, उसी विषय में विद्यालय अपने स्तर पर प्रश्न देंगे। परीक्षा आयोजित होने वाले सभी दिन भी ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कक्षाएं नियमित रूप से पूर्ववत जारी रहेंगी। बच्चों को दिए जा रहे उक्त प्रश्न केवल होम वर्क के रूप में दिए जाएंगे। उत्तर देने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। यह अभिनव पहल एवं प्रयास रायगढ़ जिले की ओर से ही किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के द्वारा लिया जाने वाला मूल्यांकन भी लागू होगा।


