सोनू सूद को झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका की खारिज

बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को फिल्म अभिनेता सोनू सूद को झटका दिया है। अदालत ने अवैध निर्माण मामले पर दायर सोनू की याचिका को खारिज कर दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अवैध निर्माण को लेकर अभिनेता को नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ अभिनेता ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। 13 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान बीएमसी ने सूद को ‘आदतन अपराधी’ बताया था। नगरपालिका ने अदालत में कहा था कि अभिनेता अवैध निर्माण के मामले में लगातार नियम तोड़ते रहे हैं।
बता दें कि सोनू सूद पर आरोप है कि उन्होंने उपनगर जुहू स्थित रिहायशी इमारत में कथित तौर पर बिना इजाजत ढांचागत बदलाव किया। इसके बाद बीएमसी ने उन्हें नोटिस जारी किया है। बीएमसी के नोटिस के खिलाफ सोनू बॉम्बे उच्च न्यायालय पहुंचे थे। सोनू सूद ने वकील डीपी सिंह के जरिए पिछले हफ्ते दायर अपनी याचिका में कहा था कि उन्होंने छह मंजिला शक्ति सागर इमारत में कोई अवैध निर्माण नहीं करवाया है।
Bombay High Court dismisses actor Sonu Sood's petition challenging BMC notice on illegal construction at his residence https://t.co/NchYcpQmLW
— ANI (@ANI) January 21, 2021
अदालत में दायर याचिका में पिछले साल अक्तूबर में बीएमसी द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने और इस मामले में किसी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत देने का भी अनुरोध किया था। बीएमसी ने इस मामले में जुहू पुलिस से चार जनवरी को शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि अभिनेता ने शक्ति सागर बिल्डिंग जो कि एक रिहाइशी इमारत है, इसे बिना अनुमति लिए होटल में तब्दील किया है।
पैसा कमाना चाहते हैं सोनू सूद
बीएमसी ने अदालत में अपनी दलील में अभिनेता पर अवैध निर्माण के जरिए पैसे कमाने का आरोप लगाया था। महानगरपालिका का कहना है कि सूद ने लाइसेंस लेना जरूरी नहीं समझा और एक रिहायशी बिल्डिंग को होटल में तब्दील कर दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सोनू को बीएमसी की तरफ से नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने उसे नजरअंदाज कर दिया और निर्माण कार्य जारी रखा था।



