दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण का पहला दिन: 2934 केंद्रों पर तीन लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगा टीका

कोविड-19 महामारी से निर्णायक जंग की शुरुआत के लिए मंगल टीकाकरण अभियान आज से शुरू होगा। दुनिया के सबसे बड़े अभियान के लिए टीके देशभर में पहुंच गए हैं। पहले चरण में 3 करोड लोगों को टीका लगेगा। इनमें स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता शामिल हैं। अब बस इंतजार उस पल का है जब अभियान के तहत देश में पहले व्यक्ति को टीका लगाकर कोरोना के अंत के लिए लड़ाई का बिगुल बज जाएगा। अभियान की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री कोविड-19 इंटेलिजेंस नेटवर्क (को-विन) एप की शुरुआत करेंगे, जिसपर हर व्यक्ति को पंजीकरण कराना होगा।
टीका लगवाने जाएं तो रखें ध्यान
टीके के लिए जिस मोबाइल पर संदेश आया है उसे अपने साथ रखें। समय पर पहुंचे केंद्र पर फोटोयुक्त पहचान पत्र अधिकारियों के समक्ष पेश करना होगा। किसी तरह का कोई संकोच या सवाल है तो वहां स्वास्थ्य कर्मी को बताएं। टीका लगने के बाद कम से कम 30 मिनट तक टीकाकरण केंद्र पर ही बैठें रहे। दूसरी डोज उसी केंद्र पर लगेगी। दूसरे केंद्र पर टीका लगवाने न जाएं।
केंद्र के चार भाग
प्रवेश: टीका केंद्र पर आपके पहचान पत्र की जांच होगी
पुष्टि: एप पर पहचान पत्र की पुष्टि होगी
टीका: स्वास्थ्य कर्मी आपको टीका लगाएंगे
निगरानी: आप 30 मिनट तक केंद्र पर डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे
टीके के दुष्प्रभाव
हल्का बुखार, इंजेक्शन जहां लगा वहां दर्द, थकान लगना।
केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर : 01123 978 046, 01123 971075
बीमारी की जानकारी पंजीकरण के वक्त ही दें
पूरी जानकारी भरें
टीका लगवाने के लिए को-विन एप या वेबसाइट पर पंजीकरण अनिवार्य है इसमें व्यक्तिगत जानकारी के साथ पहचान पत्र और किसी रोग से ग्रसित है तो उसका पूरा ब्यौरा अपलोड करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच नहीं है ऐसे में यह परेशानी का कारण बन सकता है।
टीके की आपूर्ति
सीरम के सीईओ अदार पूनावाला के अनुसार, जुलाई तक 50 करोड़ डोज का उत्पादन होगा। जिसका वितरण अन्य देशों में भी होना है। ऐसे में शुरुआती छह महीनों में टीके की कमी संभव है। सुरक्षा और प्रभाव का आकलन करते हुए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया फाइजर, स्पूतनिक वी और मॉडर्ना के टीके को भी मंजूरी दे सकते हैं।
कोल्ड चेन
टीकों को 2 से 8 डिग्री तक सुरक्षित रखने के लिए देशभर में 8931 कोल्ड चेन सेंटर हैं। इनमें से सबसे अधिक 52 प्रतिशत 15072 सेंटर एक तिहाई आबादी वाले 6 राज्यों में हैं। अन्य 48 प्रतिशत सेंटर 30 राज्यों में हैं।
संकोच
टीके को लेकर लोगों में संकोच की स्थिति है। इसका प्रमुख कारण परीक्षण के नतीजों व प्रभाव पर भ्रामक खबरें हैं। कई जाने-माने लोगों द्वारा टीका न लगवाने की बात कहने से भी अभियान पर बुरा असर हो सकता है।




