कांग्रेस ने 11 महिलाओं को तो भाजपा ने09 को बनाया प्रत्याशी

कांग्रेस ने 11 महिलाओं को तो भाजपा ने09 को बनाया प्रत्याशी

कई वार्डो में07 निर्दलीय प्रत्याशी लड़ रहे चुनाव

कहीं पढ़ा था …
जब भगवान ने बनाई स्त्री।
जब भगवान स्त्री की रचना कर रहे थे तब उन्हें काफी समय लग गया। छठा दिन था और स्त्री की रचना अभी अधूरी थी।
इसलिए देवदूत ने पूछा- भगवान, आप इसमें इतना समय क्यों ले रहे हो?
भगवान ने जवाब दिया- क्या तुमने इसके सारे गुणधर्म देखे हैं, जो इसकी रचना के लिए जरूरी हैं।
यह हर प्रकार की परिस्थितियों को संभाल सकती है। यह एकसाथ अपने सभी बच्चों को संभाल सकती है एवं खुश रख सकती है। यह अपने प्यार से घुटनों की खरोंच से लेकर टूटे दिल के घाव भी भर सकती है। यह सब सिर्फ अपने दो हाथों से कर सकती है। इसमें सबसे बड़ा गुणधर्म यह है कि बीमार होने पर अपना ख्याल खुद रख सकती है एवं 18 घंटे काम भी कर सकती है।
देवदूत चकित रह गया और आश्चर्य से पूछा कि भगवान क्या यह सब दो हाथों से कर पाना संभव है?
भगवान ने कहा- यह मेरी अद्भुत रचना है।
देवदूत ने नजदीक जाकर स्त्री को हाथ लगाया और कहा- भगवान यह तो बहुत नाजुक है।
भगवान ने कहा- हां, यह बाहर से बहुत ही नाजुक है, मगर इसे अंदर से बहुत मजबूत बनाया है। इसमें हर परिस्थितियों का संभालने की ताकत है। यह कोमल है पर कमजोर नहीं है।
देवदूत ने पूछा- क्या यह सोच भी सकती है?
भगवान ने कहा- यह सोच भी सकती है और मजबूत होकर मुकाबला भी कर सकती है।
देवदूत ने नजदीक जाकर स्त्री के गालों को हाथ लगाया और बोला- भगवान ये तो गीले हैं। लगता है इसमें से कुछ बह रहा है।
भगवान बोले- यह इसके आंसू हैं।
देवदूत- आंसू किसलिए?
भगवान बोले- यह भी इसकी ताकत है। आंसू इसको फरियाद करने, प्यार जताने एवं अपना अकेलापन दूर करने का तरीका है।
देवदूत- भगवान आपकी रचना अद्भुत है। आपने सब कुछ सोचकर बनाया है। आप महान हैं।
भगवान बोले- यह स्त्रीरूपी रचना अद्भुत है। यही हर पुरुष की ताकत है, जो उसे प्रोत्साहित करती है। वे सभी को खुश देखकर खुश रहती हैं, हर परिस्थिति में हंसती रहती हैं। उसे जो चाहिए, वह लड़कर भी ले सकती है। उसके प्यार में कोई शर्त नहीं है। उसका दिल टूट जाता है, जब अपने ही उसे धोखा दे देते हैं, मगर हर परिस्थितियों से समझौता करना भी जानती है।
देवदूत- भगवान आपकी रचना संपूर्ण है।
भगवान बोले- ना, अभी इसमें एक त्रुटि है।
‘यह अपना महत्व भूल जाती है।’
-खरसिया नामांकन वापसी के बाद कांग्रेस एवं…

नामांकन वापसी के बाद कांग्रेस एवं भाजपा के प्रत्याशियों के नाम स्पष्ट हो गए। वहीं कई वार्डों में सात निर्दलीय प्रत्याशी निकाय चुनाव में डटे हैं।

नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए महिला आरक्षण होने पर दोनों ही प्रमुख दलों द्वारा पहली बार कुल 18 वार्ड के लिए 20 महिलाओं को पार्षद प्रत्याशी के लिए नामांकित किया है।


भाजपा ने 09 महिला प्रत्याशियों पर दांव खेला है,

वहीं सत्तारूढ़ दल ने नगर निकाय पर कब्जा करने के लिए दो कदम आगे बढ़ते हुए 10 महिलाओं को प्रत्याशी के रूप में मौका दिया है।

कांग्रेस ने 1 से 18 वार्ड के लिए क्रमशः जीवन बाई यादव, श्वेता सुनील विश्वकर्मा, रामकिशुन आदित्य, राजेश सहिस, हेमा मनोज अग्रवाल, अनीता विनोद लाला राठौर, शकुन्तला परीक्षित राठौर, दिनेश कुमार राठौर, ज्योति सिदार, अनुसुइया सन्यासी मेहर, संटी सोनी(रामनारायण), सरिता देवी अग्रवाल (रमेश अग्रवाल),

जयंती राम शर्मा, राधा सुनील शर्मा, पूजा विकास अग्रवाल, राखी दिलीप अग्रवाल, परदेशी यादव एवं रेशम लाल गवेल को प्रत्याशी घोषित किया है।


वहीं भाजपा

ने क्रमशः रीता विकास जायसवाल, कल्पना मानिकपुरी, बबलू महंत, पूर्णिमा रवि सहिस, दीपक भैया , आरती भूपेंद्र वैष्णव, ललित कुमार राठौर, राधे राठौर, विनोद सिदार, रजनी झरिया, हरेराम चंद्रा, कोमल बंसल (आनंद अग्रवाल), ललिता देवी अग्रवाल (राजू अग्रवाल), मीरा श्रवण श्रीवानी, ममता सोनू अग्रवाल, दीनदयाल अग्रवाल, मुरली राठौर एवं त्रिलोचन सिंह राठौर को प्रत्याशी घोषित किया गया है।

निर्दलीय वार्ड क्रमांक 01उमानारायण साहु 03केशव दास महंत,

रिया रितेश श्रीवास्तव,12अमरनाथ गोयल,नितिनज्ञान चंद अग्रवाल, सुमित कुमार अग्रवाल, 14 रजनी देवी साहु भी अपना भाग्य पार्टी के बन्धनो से मुक्त हो अपना भाग्य अजमा रहें हैं ।राष्ट्रीय पार्टी के जीत के दावे का आकड़ों में फेर बदल करने का दम-खम भी रखते हैं ।

कुछ वार्ड को छोड़ दे तो प्रमुख रूप से दो ही राजनैतिक दलों द्वारा नगर निकाय चुनाव लड़ा जा रहा है।

ऐसे में इनके बीच सीधा टकराव है। वार्ड नंबर 11 के लिए भाजपा के बंटी सोनी तथा वार्ड नंबर 08 के लिए कांग्रेस के राजेन्द्र लालू राठौर, राजेश्वर राठौर ने पारिवारिक टकराव को देखते हुए अपना नाम वापस लिया गया।
खरसिया नगर विकास के भागीरथी अध्यक्ष कमल गर्ग
बजबजाती नालियाँ,शौचालय…विकास के भागीरथी प्रयास के गाथा स्पष्ट कर रहे वार्ड के मतदाताओ का रूख क्या कहते है क्रमशः ….



