
धमनी वन परिक्षेत्र के सुंदरपुर क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से शिकार में उपयोग किए गए उपकरण जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने तीन पक्षियों और एक गिलहरी का शिकार किया था। सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।
मध्य भारत के वन क्षेत्रों में छोटे वन्यजीवों—विशेषकर पक्षियों और गिलहरियों—का अवैध शिकार लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। ये प्रजातियां पारिस्थितिकी संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इनके शिकार की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस कार्यवाही से स्पष्ट संकेत मिलता है कि वन विभाग अब छोटे स्तर के शिकार मामलों को भी गंभीरता से ले रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार,ऐसे छोटे वन्यजीवों का शिकार खाद्य श्रृंखला और जैव विविधता पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को कमजोर कर सकती हैं।
गिरफ्तारी और त्वरित कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध शिकार करने वालों के बीच कड़ा संदेश जाएगा। इससे वन्यजीव संरक्षण कानूनों के पालन को मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही, स्थानीय समुदायों में भी जागरूकता बढ़ेगी।
वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में गश्त और निगरानी और सख्त की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कार्यवाही ही नहीं,बल्कि समुदाय आधारित संरक्षण मॉडल और जागरूकता अभियान भी आवश्यक हैं,ताकि इस तरह की घटनाओं को स्थायी रूप से रोका जा सके।




