भीषण गर्मी का कहर: पारा 42 डिग्री पार, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़-राजस्थान में लू का अलर्ट
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तापमान तेजी से बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। कई शहरों में लू (हीटवेव) की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
हर वर्ष अप्रैल-मई के दौरान उत्तर और मध्य भारत में तापमान में तेज वृद्धि देखी जाती है। इस बार भी पश्चिमी और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में शुष्क हवाओं और साफ आसमान के कारण गर्मी ने जल्दी ही तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से उठने वाली गर्म हवाएं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तक असर डाल रही हैं।
दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। बाजारों और सड़कों पर दोपहर में आवाजाही कम हो गई है। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सिरदर्द जैसी शिकायतों के मरीज बढ़ने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो रहा है, वहीं शहरी इलाकों में बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा धूप में सिर ढककर निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
तापमान में यह बढ़ोतरी सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा जरूर है, लेकिन लगातार बढ़ते अधिकतम तापमान और लू की आवृत्ति जलवायु परिवर्तन के संकेत भी माने जा रहे हैं। लंबे समय तक बनी रहने वाली गर्मी कृषि, जल संसाधन और जनस्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है और लू का असर तेज होने की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में महीने के अंत तक ही राहत मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम नजर आ रहे हैं।



