राज्य सभा ने सेवानिवृत्त हो चुके/सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई दी

नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में 18 मार्च, 2026 को राज्य सभा के सेवानिवृत्त हो चुके/सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में कुल 26 सदस्य सेवानिवृत्त हुए, जबकि वर्ष 2026 में 73 सदस्य सेवानिवृत्त हुए हैं/हो रहे हैं, इन सदस्यों में उपसभापति हरिवंश सहित भी शामिल हैं। संसदीय कार्य मंत्री,अल्पसंख्यक कार्य मंत्री एवं विदाई आयोजन समिति के संयोजक किरेन रिजिजू ने राज्य सभा के माननीय सभापति सी.पी. राधाकृष्णन तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में सभापति ने सदस्यों के द्विवार्षिक परिवर्तन की विशिष्ट संसदीय परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह निरंतरता तथा परिवर्तन दोनों का प्रतीक है—जहाँ अनुभव नए दृष्टिकोणों के लिए स्थान बनाता है, जबकि सदन की स्थायी भावना यथावत रहती है। उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बुद्धिमत्ता, चर्चाओं में सहभागिता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने सदन की कार्यप्रणाली को समृद्ध किया है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव सार्वजनिक जीवन में उनकी निरंतर सक्रियता के दौरान मार्गदर्शन और प्रेरणा देते रहेंगे।
सभापति ने सेवानिवृत्त हो चुके/सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
उनके सम्मान में एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भवाई लोक नृत्य, शास्त्रीय गायन तथा एक संगीत समूह की प्रस्तुति शामिल थी।

इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित थे।



