ग्राम खोखरा पुसौर के डॉ. जितेन्द्र पटेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

✍️भोजराम पटेल @रायगढ़।ग्राम खोखरा, तहसील पुसौर निवासी एवं स्वर्गीय शिक्षक नीलधर पटेल तथा श्रीमती माधुरी पटेल के सुपुत्र वर्तमान में दत्ता मेघे कॉलेज ऑफ फार्मेसी, दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (Deemed to be University), वर्धा–नागपुर में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत डॉ. जितेन्द्र पटेल को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित यूनिवर्सिटास नासियोनल में आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन प्राकृतिक उत्पाद एवं दीर्घकालिक रोग (ICNCD-2025) में सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डॉ. पटेल ने सम्मेलन में
“सिरीस पत्ती अर्क युक्त लिपोसोमल फार्मूलेशन का विकास एवं यकृत-संरक्षण अध्ययन”
विषय पर अपनी शोध आधारित प्रभावशाली मौखिक प्रस्तुति दी। उनके शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की निर्णायक समिति द्वारा अत्यंत उत्कृष्ट एवं नवाचारी मानते हुए सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध प्रस्तुति हेतु डॉ. पटेल को भारत सरकार की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) से यात्रा अनुदान (Travel Grant) प्राप्त हुआ, जिसके माध्यम से उन्हें वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
डॉ. पटेल की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से दत्ता मेघे कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (Deemed to be University), वर्धा–नागपुर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। वहीं ग्राम खोखरा एवं तहसील पुसौर क्षेत्र में भी इस सफलता को लेकर हर्ष और गर्व का वातावरण है।
उनकी इस उपलब्धि पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों, प्राध्यापकों, सहकर्मियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।



