
रायगढ़।लैलूंगा वन परिक्षेत्र में बीती रात मानव और हाथियों के बीच एक बार फिर भीषण द्वंद देखा गया। हाथियों के झुंड ने दो गांवों में जमकर उत्पात मचाया, जिसमें लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
गोसाईडीह गांव में पांच साल की मासूम बच्ची को हाथी ने कुचल दिया, वहीं मोहनपुर गांव में घर में सो रहे एक बुजुर्ग और एक महिला की जान गई। हमले के दौरान कुछ घरों में तोड़-फोड़ की भी खबर है।
हाथियों के झुंड में एक मादा हाथी और उसका शावक शामिल था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में इन दिनों हाथियों की सक्रियता बहुत बढ़ गई है और वन विभाग की ओर से पहले से कोई ठोस चेतावनी नहीं दी गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की। फिलहाल लैलूंगा क्षेत्र के आस-पास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक हाथी सक्रिय रूप से विचरण कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों में डर का माहौल
लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है और कहा है कि केवल अलर्ट जारी करना पर्याप्त नहीं है, ठोस कदम उठाए जाएं।
विभाग हाथियों के झुंड की हरकतों पर नजर रखी जा रही है। प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी द्वंद एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। जंगलों की कटाई और हाथियों के प्राकृतिक वास में लगातार हो रही दखलंदाजी से ये टकराव दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं।
क्या सरकार और वन विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान तलाश पाएंगे? या ग्रामीणों को यूं ही अपनी जान और माल की कीमत चुकानी पड़ेगी?



