खरसिया। प्राकृतिक परिवेश से घिरे तेन्दुमुड़ी क्षेत्र में स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालिका छात्रावास पर लगातार जंगली हाथियों का खतरा बना हुआ है। बीते कुछ महीनों में कई बार हाथियों के झुंड ने छात्रावास परिसर की बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त किया है, जिससे वहां निवासरत बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वन विभाग एवं शिक्षा विभाग से इस संबंध में कई बार अनुरोध किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नजदीकी सुरक्षित भवन में छात्रावास को स्थानांतरित कर सुचारू रूप से संचालित किया जा सकता है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। परंतु जिम्मेदार विभागीय अधिकारी मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
जनहित में यह सवाल खड़ा होता है:
क्या विभाग हाथियों की दस्तक के बाद किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? या फिर समय रहते एक सुरक्षित और स्थायी समाधान पर कार्य करेगा?
क्षेत्रीय प्रशासन और विभाग से मांग है कि:
- छात्रावास की बाउंड्री वॉल को मजबूत किया जाए।
- स्थानांतरण की संभावनाओं पर तुरंत निर्णय हो।
- हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में हाथी मित्र दल बनाकर निगरानी बढ़ाई जाए।
यह मामला सिर्फ भवन की सुरक्षा का नहीं, बल्कि मासूम छात्राओं के जीवन से जुड़ा है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।




