जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा आमजन भुगत रहे – कुनकुनी गांव के पास NH-49 जलभराव से बना संकटग्रस्त

खरसिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49), जो रायपुर से खड़गपुर को जोड़ता है, इन दिनों खरसिया से रायगढ़ के बीच यातायात के लिए मुसीबत बन गया है।

विशेषकर कुनकुनी गांव के पास, जहां बाडादरहा स्थित पावर प्लांट द्वारा बनाए गए रेल ट्रैक के कारण हाईवे का स्तर नीचे कर दिए जाने से एक गहरा डिप्रेशन बन गया है। बरसात के समय यह हिस्सा तालाब जैसा जलभराव का केंद्र बन जाता है, जिससे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन सभी फंस जाते हैं
यह संकट न किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम है, न ही कोई आकस्मिक दुर्घटना — यह सीधी-सीधी लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण है।
अधूरी योजना,पूरी तबाही

पावर प्लांट द्वारा कच्चे माल के परिवहन हेतु जब रेलवे ट्रैक निकाला गया, तब ढोलपहरी को खोद कर NH-49 को नीचे किया और ऊपर में ट्रैक पार कराया गया। उस समय स्थानीय लोगों ने जलभराव की आशंका जताई थी, लेकिन प्रशासन और निर्माण एजेंसियों ने चेतावनी को नजर-अंदाज कर दिया
सोशल मीडिया पर फूटा जनाक्रोश

स्थानीय नागरिक नीरज पटेल (बोतल्दा) ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“निर्माण के समय कई जिम्मेदार लोगों को इस आशंका के लिए हमने अवगत कराया, लेकिन उस समय बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। आज सब भुगत रहे हैं।”
सरकारी महिमामंडन, ज़मीनी हकीकत विपरीत
इस परियोजना को लेकर सरकार के मंत्रीगण बार-बार मंचों से तारीफों के पुल बांधते रहे, लेकिन आज ज़मीनी सच्चाई यह है कि आमजन को जल में डूबी सड़क, घंटों जाम और वाहन क्षति के रूप में इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
अब भी वक्त है – सुधर जाएं जिम्मेदार

जनहित में प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को चाहिए कि वे तत्काल स्थिति का निरीक्षण कर स्थायी समाधान प्रस्तुत करें — जैसे सड़कों के लेवल को ऊपर करना, ड्रेनेज सिस्टम सुधारना और मानसून पूर्व सुरक्षा उपाय लागू करना।

क्योंकि अगर सरकार की नीतियां और उद्योगों की सुविधा आम लोगों के जीवन को संकट में डालेंगी,तो यह विकास नहीं — विनाश की ओर कदम होगा।




