खरसिया

धान खरीदी में लापरवाही का शिकार किसान: टोकन के इंतजार में भटकते रहे किसान,स्थानीय प्रशासन मौन

आधी-अधूरी अव्यवस्था के मध्य धान खरीदी केन्द्रों में बड़ी झोल-झाल…

खरसिया। आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मार्या समिति के माध्यम से धान खरीदी प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। हफ्तों से टोकन कटाने के लिए कतार में भटक रहे हैं किसान प्रशासन की उपेक्षा और प्रबंधकों की लापरवाही से परेशान हैं। ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया के नाम पर किसानों को धान खरीदी केंद्रों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।

 गांवों से आए किसानों का आरोप है कि उन्हें टोकन के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि उनकी उपज खरीदी नहीं जा रही। कई किसान आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान की बजाय मौन हैं।

दागी प्रबंधकों से धान खरीदी

खरसिया क्षेत्र में कई दागी प्रबंधकों/कर्मचारियों को दोबारा मौका देने से स्थिति और खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है,जिससे उन्हें हतोत्साहित कर बाजार में कम दाम पर धान बेचने को मजबूर किया जाए।

वहीं दबी ज़ुबान कहते हैं प्रबंधक इलेक्ट्रॉनिक कांटे में तौल 40.700तौल लेने और महिनों बाद उठाव होने पर सुख्ती आने से आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मार्या के संचालक/प्रबंधक को सुख्ती को भरना पड़ेगा इसी भय से खरीदी शुरू नहीं कर पाए बातों बातों में जिम्मेदार अधिकारी खरीदी करने ना करने पर जेल भेजे जाने की बात से भयभीत हैं आखिर करें तो करें क्या संग्रह केन्द्र में सुख्ती दिया जाएगा और हमारे समिति में महिनों तक धान खरीद पश्चात पड़े रहने पर सुख्ती नहीं दिया जाना बिसगती है। खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त स्थान नहीं हो पाएगा समय पर उठाव नहीं होने से …

प्रशासन से न्याय की गुहार

इस अव्यवस्था से आहत किसान अब सरकार और प्रशासन से न्याय की अपील कर रहे हैं। समय पर टोकन न मिलने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ,तो किसानों का धैर्य टूट सकता है और वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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