रायगढ़

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों- बशीर बद्र

15 महीनों में 4-5 मामलों में सूरज शर्मा का नाम और तीन एफआईआर – शाकिब

शहर की शांत फ़िज़ा में जहर घोलने का कर रहा है काम

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
– बशीर बद्र

घटना में चोटिल हुए एनएसयूआई नेता शाकिब ने भाजयुमो नेता सूरज शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं हैं जब इस युवा नेता ने शहर की शांत फ़िज़ा में हिंसा का जहर घोला हो। पार्षद चुनाव के दौरान भी शहर के 48 वार्डों में सिर्फ उस वार्ड में मारपीट की घटना हुई थी जिस वार्ड से सूरज शर्मा प्रत्याशी था इसके बाद भी ऐसे कई मौके आये जब इस युवा नेता ने महज सस्ती राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने के नापाक मंसूबे से शहर की शांत फ़िज़ा में जहर घोलने का काम किया। मसलन पुतला दहन कार्यक्रम का दौरान हुई मारपीट, संजय कॉम्प्लेक्स मंडी विवाद, सांसद निवास के बाहर हुआ विवाद हो या फिर कल डिग्री कॉलेज की घटना हो। जिसमें से 2-3 मामलों में सूरज शर्मा के खिलाफ बकायदा एफआईआर भी दर्ज हुई हैं।


हर बार इसी युवा नेता की ओर से विवाद शुरू किया जाता हैं जिसमें हमारे शहर की शांत राजनीतिक फ़िज़ा अशांत हो रही हैं इस पर जिला भाजपा आलाकमान को संज्ञान लेते हुए ऐसे बिगड़ैल नेता पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की जरूरत है ताकि शहर की सामाजिक व राजनीतिक फ़िज़ा शांत ही बनी रहें।

सियासत यानी सत्ता प्रबंध के लिए कोशिश और किसी भी देश प्रदेश के लिए सियासत बहुत ज़रूरी होती है। सियासत के बदलने से देश प्रदेश का भविष्य बदल सकता है। लोगों ने महसूस किया कि लोग सिर्फ़ सत्ता पाने के लिए सियासत नहीं करते बल्कि रिश्तों में भी सियासत करते हैं और इसी एहसास को शायरों ने अपने कलामों में ढाल दिया।

इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले
ये किसी से भी मोहब्बत नहीं करने वाले
– नादिम नदीम

वो ताज़ा-दम हैं नए शोबदे दिखाते हुए
अवाम थकने लगे तालियाँ बजाते हुए
– अज़हर इनायती

फाईल फोटो
एनएसयूआई को लफूटों का जमावड़ा बताते हुए भाजपा नेता आलोक सिंह ने डिग्री कालेज में कैरियर काउंसलिंग करने गए यूथ आइकॉन के कार्यक्रम में उत्पात मचाने और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से मारपीट की घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा है कि एनएसयूआई के कार्यकर्ताओ ने इस घटना को अंजाम दे कर अपना चाल चेहरा और चरित्र ही उजागर किया है।

ओ पी चौधरी का वायरल हो रहा विडियों…

सत्यता की प्रमाणिकता हमारे टीम नहीं करता….
आलोक सिंह ने कहा है कि ओपी चौधरी जैसे यूथ आइकॉन का रायगढ़ जिले से होना रायगढ़ जिले का गौरव है। युवाओं को उनकी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गूढ़ तकनीक व्याख्यान की आज देश भर में मांग है। सोशल मीडिया में जितने युवा उनके फालोवर है उतने तो प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी नही है। ओपी चौधरी ने लाखों युवाओं को मार्गदर्शन दे कर उनका भविष्य गढ़ा है। ऐसे यूथ आइकॉन के डिग्री कालेज में निशुल्क मार्गदर्शन कार्यक्रम में अवरोध पैदा करना, मारपीट करना और गुंडा तत्वों जैसा आचरण करना निसंदेह उनकी नकारात्मक सोच और छात्र हित के प्रतिकूल आचरण को सार्वजनिक करता है।
आलोक सिंह ने कहा है कि यदि एनएसयूआई को यदि ओपी चौधरी के मार्गदर्शन कार्यक्रम से कोई दिक्कत थी तो उन्हें बजाय सीधे कार्यक्रम में व्यवधान और मारपीट की घटना को अंजाम देने के कॉलेज के प्राचार्य से बात करनी थी। अतिथि मर्यादा का पालन न कर उन्होंने कार्यक्रम पर ही हमला बोल उन्होंने गैर संस्कारित होने का प्रमाण ही दिया है। कोविड का हवाला देने वाले कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रायपुर में आयोजित क्रिकेट कार्यक्रमो का भी हिसाब लेना चाहिए

वायरल विडियो सत्य है तों युवाओं के मार्ग-दर्शन के लिए लाखों ….आखिर कौन,कैसे , पर हो रहा हैं कानाफूसी …कालेज में घटित घटनाक्रम पर दोनो पक्षों ने अपनी अपनी पक्ष पुलिस के पास रखे हैं पुलिस जाँच पड़ताल में जुटा… उचित अनुचित इसकी विचार मंथन करने पाठकों पर छोड़ देते है ….

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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