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मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से संवर रही सेहत

रायगढ़ । स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ राज्य की परिकल्पना को साकार करने का  संकल्प लेकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 02 अक्टूबर 2019 से प्रारम्भ की गयी मुख्यमंत्री सुपोषण योजना का परिणाम बच्चों और महिलाओं की संवरती सेहत के रूप में सामने आ रहा है। रायगढ़ जिले में योजना की शुरुआत के पश्चात कुपोषण दर में 7.73 प्रतिशत की कमी आयी है। बीते 01 वर्ष में 7110 बच्चे कुपोषण के  कुचक्र से बाहर निकले हैं और 8662 महिलाओं ने एनीमिया की समस्या से निजात पायी है। यह जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के सफल व प्रभावी क्रियान्वयन से संभव हुआ है।

ऐसे बदली तस्वीर
फरवरी 2019 में जिले में कुपोषण की दर 23.14 प्रतिशत था। योजना के तहत 0 से 5 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 06 दिवस गरम भोजन जिसमें 01 दिवस अंडा दिया गया। कुपोषण की दर में कमी लाने के लिए माह अगस्त 2020 से बच्चों के भोजन को और पौष्टिक बनाते हुए 03 दिवस मीठी दलिया और 03 दिवस पौष्टिक खिचड़ी के साथ बुधवार के दिन अंडा दिया जाने लगा। कुपोषित बच्चों के घर आंगनबाड़ी कर्मचारियों द्वारा गृह भेंट कर बच्चों के खान-पान और साफ सफाई में ध्यान देने की समझाईश दी गयी। जिसका परिणाम यह हुआ कि अक्टूबर 2020 में कुपोषण का स्तर 7.73 प्रतिशत घट गया। 7110 बच्चों ने कुपोषण को मात दी। जिनमें 2338 गंभीर कुपोषित बच्चे भी शामिल हैं। जिन्हें आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केन्द्रों में रखकर उचित देखभाल की गयी और नि:शुल्क दवाइयां भी उन्हें दी गयी। इस दौरान खरसिया विकासखण्ड का बाम्हनपाली जिले का पहला कुपोषण मुक्त पंचायत बना। 15 से 49 वर्ष के एनिमिक महिलाओं को भी इस योजना के माध्यम से उचित पोषण आहार व स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाई गयी। परिणाम स्वरूप  8662 महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुयीं।

प्रभावी क्रियान्वयन के लिये हो रहे जतन
मुख्यमंत्री सुपोषण योजनान्तर्गत 01 दिसम्बर 2020 से कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र में तैयार गरम भोजन टिफिन के माध्यम से उनके घरों में पहुंचाया जा रहा है। कुपोषण के विरूद्ध लड़ाई को और मजबूती देने 2863 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पौष्टिक सब्जियों के उत्पादन हेतु पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्र के प्रत्येक गांव के कम से कम दो हितग्राहियों के घरों में पोषण वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। अब तक 468 हितग्राहियों के घरों में यह पोषण वाटिका बनायी जा चुकी है। माह सितम्बर 2020 में 3409 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण माह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन जैसे-पोषण रंगोली, पोषण संबंधी कृषक बैठक, पोषण संबंधी समूह चर्चा, गृह भेंट, कुपोषण बच्चों का चिन्हांकन आदि कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 282385 लोगों को पोषण जन-आंदोलन से जोड़ा गया।

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