आखिरकार हो ही गई नीतीश कुमार और चिराग पासवान की मुलाकात, NDA में वापसी के बाद पहला ऐसा मौका

लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में कई सियासी रंग देखने को मिल रहे हैं। NDA में वापसी के बाद पहली बार चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुलाकात की है।
लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में सियासत का दस्तूर ऐसा हो चला है कि जनता के बीच एकता का संदेश देने के लिए धुर विरोधी भी एक दूसरे से गले मिलने में हिचक नहीं रहे। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने गुरुवार (मार्च) को राज्य के मुख्यमंत्री और जेडीयू संयोजक नीतीश कुमार से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात की। इस साल जनवरी में नीतीश कुमार के दोबारा एनडीए में शामिल होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात थी।
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नीतीश-चिराग के पुराने रिश्ते
दोनों नेताओं के बीच अतीत में काफी खटास भरे रिश्ते रहे हैं, चिराग पासवान ने कई मौकों पर मुख्यमंत्री की आलोचना की थी,जिसमें अगस्त 2022 में नीतीश दूसरी बार एनडीए सरकार छोड़कर राजद खेमे में चले गए थे।
चिराग ने कहा था कि नीतीश कुमार ने लोगों के जनादेश का “अपमान” किया जो 2020 के विधानसभा चुनावों में एनडीए के लिए था। चिराग ने यह भी कहा था कि नीतीश कुमार ने विश्वसनीयता खो दी है और अगले चुनावों में उन्हें कोई सीट नहीं मिलेगी।
क्या है बिहार में सीट बंटवारे का फॉर्मूला
हालांकि, इस साल जनवरी में नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी के बाद नेता एक-दूसरे के प्रति नरम हो गए हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए दोनों पार्टियों को स्वीकार्य सीट-बंटवारे का फॉर्मूला भी तैयार किया।
सीट बंटवारे के समझौते के मुताबिक, बीजेपी 17 सीटों पर, जेडीयू 16, एलजेपी (रामविलास) 5, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेगी.



