हमारे शोध एवं नवाचार का उद्देश्य लोक हितकारी हो: कुलपति

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) में दिनांक 28 फरवरी 2024 को सुबह 11 बजे रजत जयंती सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस वर्ष की थीम ‘विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियां’ है।
बिलासपुर गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) में दिनांक 28 फरवरी 2024 को सुबह 11 बजे रजत जयंती सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस वर्ष की थीम ‘विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियां’ है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि प्रगति का मूल्यांकन आत्मा की संतुष्टि से किया जाना चाहिए। हमारे शोध एवं नवाचार का उद्देश्य लोक हितकारी व समाज उपयोगी होना चाहिए। मुख्य वक्ता डॉ. महेन्द्र कुमार, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रभारी उच्च शिक्षा संवर्ग, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कहा कि प्राचीनकाल में भारत अपनी बैद्धिक संपदा एवं कौशल के आधार पर विश्व गुरु था। वर्तमान समय में भी युवाओं को ज्ञानर्जन व कौशल विकास कर पूर्ण समर्पण के साथ राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए जिससे पुन: वह प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकें। भारत को श्रेष्ठ शोध व नवाचार के माध्यम से विश्व का नेतृत्व करना चाहिए। स्वागत उद्बोबन कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. सीमा राय ने दिया। मंचस्थ अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न के रूप में श्रीमद् भगवत गीता भेंट कर सम्मान किया गया।
इससे पूर्व प्रारंभ में मंचस्थ अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर मां सरस्वती एवं बाबा गुरु घासीदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। तंरग बैंड द्वारा सरस्वती वंदना और कुलगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात, अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा विज्ञान दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता को सम्मानित किया गया साथ ही विद्यार्थियों द्वारा लगाए गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने व संचालन डॉ. प्रिंसी मतलानी, सहायक प्राध्यापक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग ने किया। इस अवसर पर विभिन्न अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



