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कोरोना संक्रमण रोकने सरपंच अपने गांव व पंच अपने वार्ड में जागरूकता व सहयोग की ले जिम्मेदारी-कलेक्टर भीम सिंह

कलेक्टर सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से पंचायत प्रतिनिधियों से कोरोना संक्रमण रोकथाम पर की चर्चा

रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह ने जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से पंचायत प्रतिनिधियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बात की। उन्होंने रायगढ़, सारंगढ़, बरमकेला, व खरसिया के सरपंच, सचिवों व पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी व सहायक कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा भी उपस्थित रहे।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि जिले में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे है तथा कोरोना से हो रही मृत्यु दर भी तुलनात्मक रूप से अधिक है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह मामले ज्यादा देखने को मिल रहे है। इसका प्रमुख कारण लोगों द्वारा कोरोना निर्देशों का गंभीरता से पालन नहीं करना, लक्षणों की अनदेखी, समय से उपचार न करवाना व टेस्टिंग से बचना है। इन सब के चलते पिछले कुछ दिनों में लोगों की असामायिक मृत्यु हुई है। अत: सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के अंतर्गत लोगों को कोरोना के लक्षणों के प्रति जागरूक करते हुये इससे बचाव के तमाम निर्देशों का अनिवार्यता पालन करने हेतु पे्ररित करें। साथ ही सर्वे तथा टेस्टिंग के लिये पहुंच रही टीम को पूरा सहयोग दें। सभी लोग घर से निकलते समय मास्क का उपयोग जरूर करें। बिना मास्क पहने निकले लोगों पर पंचायत स्तर पर कार्यवाही करें।

उन्होंने कहा कि लक्षण दिखने पर झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज बिल्कुल न करायें। पिछले दिनों झोलाछाप लोगों द्वारा इलाज से कुछ लोगों की मौते भी हुई हैं। जिनके ऊपर कार्यवाही की गई है। अत: लोग जागरूक बने तथा कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, सास में लेने में तकलीफ, शरीर में दर्द, कमजोरी, उल्टी, दस्त, स्वाद और सूंघने में समस्या जैसे लक्षण दिखाई दे तो तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचकर अपना नि:शुल्क टेस्ट करवायें। संक्रमित पाये जाते है तो बिल्कुल नहीं घबरायें। नि:शुल्क इलाज के लिये विशेष अस्पताल तैयार किये गये है। जहां आक्सीजन बेड आईसीयू वेन्टीलेटर की सुविधा है वैसे लोग जिन्हें बीपी, शुगर, हार्ट, किडनी से जुड़ी या अन्य कोई गंभीर बीमारी है वे सतर्क रहे। उन्होंने कहा कि सरपंच अपने गांव तथा पंच अपने वार्डों की जिम्मेदारी ले तथा लोगों से संपर्क कर उन्हें कोरोना की गंभीरता तथा इसे बचाव के लिये किये जा रहे शासन-प्रशासन के प्रयासों से अवगत करायें तथा लक्षण युक्त लोगों को सही इलाज लेने के लिये प्रेरित करें। किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक खबरों पर भरोसा ना करें। उन्होंने कहा कि सामुहिक जागरूकता व सहयोग से ही कोरोना को हराने में हम सफल होंगे।

कुपोषण मुक्त पंचायत बनाने का लें संकल्प
कलेक्टर सिंह ने इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों से कुपोषण विषय पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कुपोषण मुक्ति के लिये विशेष योजना प्रारंभ की है, जिस पर लगातार कार्य किया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से भी 14 करोड़ रुपये की राशि जिले में कुपोषण मुक्ति के लिये उपलब्ध करवायी गई है। अत: पंचायत प्रतिनिधि भी अपने गांव में कुपोषण को दूर करने में सक्रिय भागीदारी निभायें। अपने गांव में कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन के साथ ही उनको मिलने वाले सुखा राशन अण्डा के साथ ही पंचायत स्तर पर भी अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध करवा सकते है। उन्होंने बताया कि शासन ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को खोलने के निर्देश दिये है। किन्तु कोरोना संक्रमण के चलते लोग अभी केन्द्रों में नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पिछले दो माह में कोरोना संक्रमण का कोई केस नहीं है वहां आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जा सकते है। जिन स्थानों पर संक्रमण है वहां कुपोषित बच्चों के लिये गरम भोजन बनाकर टिफिन में देने के लिये निर्देशित किया गया है। उन्होंने जिले के प्रथम कुपोषण मुक्त गांव बाम्हनपाली का उदाहरण देते हुये बताया कि वहां विभाग के साथ पंचायत प्रतिनिधियों के सामुहिक प्रयासों से यह गांव जिले का पहला कुपोषण मुक्त गांव बना है। अत: जिले के अन्य पंचायतों के सभी प्रतिनिधि भी यह निश्चय करें कि अपने पंचायत को कुपोषण मुक्त बनायेंगे। कुपोषण मुक्त बनने वाले पहले दस पंचायतों में प्रत्येक को 5-5 हजार रु पये का पुरस्कार दिया जायेगा।

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