लोक सेवा केंद्रों में प्रमाण-पत्रों के नाम पर की जा रही अवैध वसूली…

भ्रष्टाचार का अड्डा बनते जा रहे सुविधा केंद्र, ग्रामीणों से हर तरह के प्रमाण-पत्र बनाने के बदले ली जा रही अवैध रकम
रायगढ़ जिले खरसिया के ग्रामीण क्षेत्र में आम जनता की सुविधाओं के लिये समस्त ग्राम पंचायतों में लोक सेवा केन्द्रों की स्थापना की गई हैं। यहां से ग्रामीण व शहर के लोग आधार, आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे प्रमाण पत्र हेतु ऑनलाइन आवेदन कर प्रमाण-पत्र प्राप्त करते हैं।
सुविधा केन्द्र अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके हैं। उक्त सुविधा केन्द्रों में ग्रामीणों से अवैध वसूली लगातार की जा रही है। वही नौसिखिये उक्त सेवा केन्द्रों को संचालित कर रहे है, जिन्हें नियम की जानकारी नहीं है। वह सिर्फ अधिकारियों से सेटिंग कर आईडी प्राप्त कर कार्य कर रहे हैं व कमीशनखोरी कर रहे हैं।
प्रमाण पत्र प्रदान करने में भी कई दिन लग जा रहे हैं। संबंधित कार्यलय भी नौसिखियों द्वारा भेजे गये आवेदन में कुछ न कुछ कारण बता लौटा दे रहे है। 100 से 200 रुपए तक की अवैध वसूली छोड़ दे जाति निवास आमदनी प्रमाण पत्र हेतु 500 से 1000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
किसी प्रकार की पुछताछ करने पर राजनीति करते हैं आवेदक के आवेदन को वापस करते हुए आवेशित हो उठते हैं।दस से पंद्रह दिन तक अपने पास आवेदन होने उपरांत अपलोड नहीं कर आवेदक को घुमाया जा रहा है लोक सेवा केन्द्र भी नियुक्त व्यक्ति के स्थान पर अनाधिकृत व्यक्ति संचालित करते हैं, जिन्हें नियुक्त व्यक्ति द्वारा कमीशन पर रखा जाता है, जो हमेशा बदलते रहते हैं।
जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं करते कार्यवाही…
जिम्मेदार अधिकारियों के पास शिकायत किये जाने पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होती है। जिन व्यक्तियों को कार्य करने की अनुमति है,उनके स्थान पर कोई और कार्य कर रहा है। इस प्रकार शासन की एक महत्वपूर्ण योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है।


