
अघोर पीठ जनसेवा अभेद्य आश्रम पोड़ी दल्हा अकलतरा में आध्यात्मिक विमर्श, स्वास्थ्य सेवा और कंबल वितरण का आयोजन
अकलतरा। अघोर परंपरा की दिव्य धारा को आगे बढ़ाते हुए अघोर पीठ जनसेवा अभेद्य आश्रम पोड़ी दल्हा अकलतरा में शनिवार को अघोरेश्वर महाप्रभु का महा निर्वाण दिवस श्रद्धा, साधना और सेवा की मानवीय भावना के साथ मनाया गया। प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में साधकों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अघोर मंत्र—
“अघोरान्ना परो मंत्रः, नास्ति तत्वं गुरोः परम”का अखंड जाप किया। मंत्रोच्चारण की ध्वनि से आश्रम परिसर दिव्यता, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित हो उठा।
आश्रम के व्यवस्थापक गोपाल रामजी ने बताया कि यह दिवस न केवल गुरु-कृपा और आत्मबोध का स्मरण कराता है, बल्कि मानवता के प्रति निष्काम सेवा की प्रेरणा भी देता है। मंत्रजाप संपन्न होने के उपरांत भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं, धर्मबंधुओं और ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य शिविर — वर्ष दर वर्ष जारी सेवा परंपरा
अघोर पीठ की सतत जनसेवा परंपरा के अंतर्गत इस वर्ष भी आसपास के ग्रामीणों हेतु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। बिलासपुर, चांपा और अन्य स्थानों से पधारे सात चिकित्सकों ने पूरे दिन रोगियों का परीक्षण कर निःशुल्क परामर्श एवं औषधि प्रदान की।
व्यवस्थापक गोपाल रामजी के अनुसार, “इस वर्ष हजारों ग्रामीणों ने शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण कराया और औषधियों का लाभ प्राप्त किया। दूरदराज से आए ग्रामीणों के लिए भंडारे की भी विशेष व्यवस्था की गई, ताकि वे सहजता से स्वास्थ्य लाभ ले सकें।”
कड़ाके की ठंड में जरुरतमंदों को मिला स्नेह की ऊष्मा
सत्रह वर्षों से निरंतर जारी सेवा गतिविधियों के अंतर्गत इस बार भी आश्रम द्वारा सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों को कंबल वितरित किए गए। भीषण शीत से बचाव हेतु किया गया यह वितरण, आश्रम की करुणा-प्रधान सेवा भावना का सजीव प्रमाण बना।
शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका
आश्रम परिसर में क्षेत्र का प्रथम सीबीएसई स्कूल संचालित है, जिसमें 500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के लिए छात्रावास की व्यवस्था भी आश्रम द्वारा की गई है। भोजन, शिक्षा और अन्य आवश्यक खर्च ट्रस्ट द्वारा वहन किए जाते हैं, जिससे विशेष रूप से आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
अघोर पीठ जनसेवा अभेद्य आश्रम पोड़ी दल्हा अकलतरा द्वारा किए जा रहे ये सेवामूलक कार्य—मानवता, करुणा, सहानुभूति और निष्काम सेवा पर आधारित अघोर परंपरा के जीवंत प्रतीक की भांति समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
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