रायगढ़।क्षेत्र के वन क्षेत्र जब उद्योग घरानों के हिस्से होते देख हाथियों ने भी अपनी राह बदली और जंगल छोड़कर धान खरीदी केंद्र की ओर रुख कर लिया—जहां भोजन भी सुलभ है ।
रायगढ़ जिले के धान खरीदी केंद्र बगूरसिया में बीती रात हाथियों ने एक बार फिर अपनी नियमित “निरीक्षण यात्रा” पूरी की। रात 12 बजे के बाद जंगल से सटे खरीदी केंद्र में हाथियों का प्रवेश हुआ, मानो समय पर पहुंचकर व्यवस्था की वास्तविक हालत परखनी हो।
मंडी परिसर में रखी धान की बोरियां हाथियों को खास पसंद आईं। दो दिनों में करीब 15 बोरी धान “स्वाद परीक्षण” में चली गई, जबकि बड़ी मात्रा में धान इधर-उधर फैलकर किसानों की मेहनत पर भारी पड़ा। नुकसान बढ़ता रहा, लेकिन रोक-थाम की व्यवस्था हमेशा की तरह मौन साधे रही।
बार-बार की इस मेहमान नवाज़ी से समिति कर्मचारी परेशान हैं और वन विभाग व प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हाथियों की आवाजाही पर लगाम लगे, वरना धान खरीदी केंद्र धीरे-धीरे “हाथियों का सुरक्षित चारागाह” बनता जाएगा।




