नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का केन्द्र को नोटिस

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नए कृषि कानूनों के अमल पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस एस ए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने 6 हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में की याचिकाएं दाखिल की गई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा और केरल के त्रिशुर से कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन के अलावा भी कई याचिकाएं दायर की गई हैं।याचिकाओं में कहा गया है कि निजी कंपनियां किसान का शोषण करेंगी। किसान की शिकायत पर सुनवाई की सही व्यवस्था नहीं बनाई गई है। याचिका में कहा गया है कि व्यापारी जमाखोरी कर उत्पाद अधिक कीमत पर बेचेंगे। याचिका में कहा गया है कि कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि कानून की कुछ धारा संविधान के मूल ढांचे और किसानों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं।
याचिका में कहा गया है कि अगर कोई विवाद होता है तो उन्हें उपाय के लिए नौकरशाही के पीछे भागना होगा। ये कानून शिकायतों को दूर करने के लिए किसान केंद्रित अदालतों को स्थापित करने में विफल रहा है और इस कानून से व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा का उल्लंघन किया गया है।




