अटल टनल में अनावश्यक वाहनों की आवाजाही पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, जारी किए गए नियम

रोहतांग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन अक्टूबर को रोहतांग दर्रे के नीचे अटल सुरंग का उद्घाटन किया था। जिसकी चर्चा पूरे देश में थी, लेकिन उद्धघाटन के अगले दिन ही एक दूसरे से आगे निकलने की होड़, लापरवाही से ड्राइविंग करने और सेल्फी लेने के चक्कर मे तीन दुर्घटनाएं हो गईं। जिसके बाद अब कुल्लू डीएम ने अटल टनल में अनावश्यक वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए यातायात नियमों की गाइडलाइन जारी की है। बता दें हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बने 9.02 किलोमीटर लंबे अटल टनल में उद्घाटन के बाद दुर्घटनाएं हो रही है। जिसके बाद अब कुल्लू डीएम ने आपातकालीन निकास सुरंग में अनावश्यक आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अगर कोई उलंघन करता है तो धारा 144 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं सुरंग के अंत तक दक्षिण पोर्टल से पहले 200 मीटर से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य सरकार ने इस टनल पर पुलिस को तैनात कर दिया है।
बता दें हाइवे टनल ‘अटल सुरंग’ 9.02 किलोमीटर लंबी और 10.5 मीटर चौड़ी हैअटल टनल रोहतांग का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसका मुआयना भी किया। इस टनल के साथ ही हिमाचल के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हो गया है। इस टनल से मनाली और केलांग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी। साल 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस टनल के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था। एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। अटल टनल के काम में भी 2014 के बाद, अभूतपूर्व तेजी लाई गई। नतीजा ये हुआ कि सिर्फ 6 साल में हमने 26 साल का काम पूरा कर लिया गया। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने एक दशक में कड़ी मेहनत के बाद 10 हजार फीट की ऊंचाई पर सुरंग का निर्माण किया है।




