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एनएच-200 पर अव्यवस्था का खतरा: उद्योगों की मनमानी और चालकों की लापरवाही से बढ़ रहा हादसे का जोखिम…


JSW, जिंदल,सारडा,विमला साइडिंग,भुपदेवपुर साइडिंग केराझर आस-पास छोटे बड़े उद्योग घराने के गाड़ियों का आवाजाही…

खरसिया। खरसिया विकास खण्ड के नहरपाली कुर्रुभांठा के आस-पास राष्ट्रीय राजमार्ग-200 पर औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अनियंत्रित गतिविधियाँ और वाहन चालकों की लापरवाही लगातार सड़क हादसों को आमंत्रण दे रही हैं। सड़क पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग, ओवरलोडिंग,बिना संकेतकों के प्रवेश-निकास और तेज रफ्तार के कारण मार्ग असुरक्षित होता जा रहा है।

रायगढ़ से जिंदल केराझर भुपदेवपुर नहरपाली कुर्रुभांठा सेन्द्रीपाली चपले एनएच-200 औद्योगिक परिवहन का प्रमुख मार्ग है। इस पर कोयला,सीमेंट, स्टील और अन्य कच्चे माल का बड़े पैमाने पर आवागमन होता है। कई उद्योगों ने अपने गेट,पार्किंग और लोडिंग क्षेत्र राजमार्ग के किनारे विकसित कर लिए हैं, जिससे मुख्य सड़क पर अचानक कट,यू-टर्न और रुकावटें बनती हैं। वहीं, ट्रक और अन्य भारी वाहन रात के समय बिना रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतों के खड़े कर दिए जाते हैं।



सड़क सुरक्षा मानकों के उल्लंघन दो स्तरों पर दिखते हैं। पहला—उद्योगों द्वारा निर्धारित प्रवेश-निकास,सर्विस रोड और पार्किंग व्यवस्था का पालन न करना। दूसरा—वाहन चालकों द्वारा गति सीमा की अनदेखी,ओवरटेकिंग में लापरवाही और ओवरलोडिंग। इन दोनों के सम्मिलित प्रभाव से दृश्यता घटती है, अचानक ब्रेकिंग की नौबत आती है और टकराव की आशंका बढ़ती है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी कमजोर पड़ने से नियमों का उल्लंघन निरंतर बना हुआ है।

दुर्घटनाओं में जान-माल का नुकसान, जाम की स्थिति और आपात सेवाओं में देरी आम हो गई है। स्थानीय निवासियों, दोपहिया चालकों और पैदल यात्रियों के लिए जोखिम अधिक है।औद्योगिक परिवहन की सुचारुता भी प्रभावित होती है,जिससे आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार समाधान बहु-स्तरीय होना चाहिए—उद्योगों के लिए अनिवार्य सर्विस रोड और आंतरिक पार्किंग,स्पष्ट साइनेज और रिफ्लेक्टर की व्यवस्था,गति नियंत्रण के लिए कैमरे तथा नियमित प्रवर्तन। प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त निरीक्षण, दंडात्मक कार्यवाही और जागरूकता अभियानों की जरूरत है।

यदि समय रहते सख़्त कदम नहीं उठाए गए, तो एनएच-200 पर दुर्घटनाओं का सिलसिला और गंभीर रूप ले सकता है।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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