27 हजार घरों में ई-चालान पहुंचा आठ हजार ने जुर्माना नहीं चुकाया

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प्रतीकात्मक तस्वीर
राजधानी में पिछले 11 महीने के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले 27 हजार लोगों के घरों में ई-चालान भेजा गया है। इनमें से 4 हजार लोगों का पता गलत निकला या उन्होंने मकान बदल दिया। 8 हजार 2 साै लोग ऐसे हैं जिन्होंने चालान मिलने के बावजूद ट्रैफिक थाने पहुंचकर जुर्माना नहीं चुकाया। ऐसे लोगों की जानकारी आरटीओ भेजकर उनकी आरसी बुक में जुर्माने के पैसे की एंट्री करवा दी गई है।अब जब भी वे लोग गाड़ी बेचेंगे या दूसरे के नाम ट्रांसफर करेंगे तब जुर्माना वसूला जाएगा। जब तक जुर्माना अदा नहीं करेंगे तब तक वाहन से संबंधित कोई भी कार्रवाई आरटीओ में नहीं होगी। पुलिस ने किसी को ई चालान उनके मोबाइल पर भेजा तो किसी के घर पहुंचाया है। अब तक जिन लोगों ने चालान अदा नहीं किया है, उन वाहन चालकों के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, लेकिन इन सभी का रिकार्ड पुलिस और आरटीओ की डिजीटल फाइल में दर्ज कर लिया गया है।पुलिस ने आरटीओ को ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन के नंबर के साथ ये जानकारी भेज दी गई है कि चालक पर कितना जुर्माना लगाया गया है। आरटीओ में जुर्माने का ब्योरा संबंधित वाहन की आरसी बुक के रिकार्ड के साथ सुरक्षित कर दिया गया है। पुलिस और आरटीओ के अफसरों का कहना है कि वाहन चालकों से जुर्माने की रकम तब वसूली जाएगी जब वे गाड़ी बेचने या उसका नाम ट्रांसफर करवाने पहुंचेंगे।आरटीओ में जैसे ही आरसी बुक में नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कंप्यूटर में रिकार्ड खंगाला जाएगा, जुर्माने की बकाया राशि की जानकारी भी सामने आ जाएगी। आरसी बुक के नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया तभी पूरी होगी, जब वे जुर्माने की रकम अदा करेंगे। हालांकि पिछले 11 महीने में पुलिस ई-चालान से अब तक 1.20 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना वसूल चुकी है।2015 के बाद जिन लोगों ने गाड़ी खरीदी उन्हीं को फाेन पर चालान2015 के बाद जितने लोगों ने दुपहिया या कार खरीदी है, उन लोगों का मोबाइल नंबर आरटीओ के रिकार्ड में है। मोबाइल नंबर को आरसी बुक के साथ एंट्री किया गया है। गाड़ी नंबर के आधार पर जैसे ही आरटीओ की वेबसाइट में सर्च किया जाता है, वाहन मालिक का नाम, पता और मोबाइल नंबर स्क्रीन पर दिखने लगता है। यही वजह है कि पुलिस अभी 2015 के बाद बिके वाहनों का ई चालान फोन पर भेज पा रही है।तीन साल में 11 हजार वाहन चालकों का नहीं मिला पतापुराने वाहनों का ऑन लाइन रिकार्ड दर्ज नहीं है। इस वजह से ऐसे वाहनों का चालान सड़क पर ही किया जा रहा है। अब तक 35,685 लोगों को मोबाइल पर चालान भेजा गया है।वाहन मालिक उठाएंगे चालान का खर्चपुलिस जल्द ही ई चालान डाक के माध्यम से वाहन मालिकों के भेजने की तैयारी कर रही है। इसके लिए डाक विभाग से अनुबंध किया जाएगा। डाक विभाग के माध्यम से ई-चालान घर पहुंचाने में जितना खर्च आएगा, उतने पैसे जुर्माने की रकम में जोड़ दिए जाएंगे। अभी पुलिस के जवानों के माध्यम से चालान भेजा जा रहा है। फोर्स की कमी के कारण फिलहाल चालान ही कम जनरेट किया जा रहा है।ई-चालान डाक से भेजने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डाक विभाग से इसे लेकर अनुबंध किया जाएगा, जिसमें खर्च तय किया जाएगा। वह खर्च नियम तोड़ने वालों से ही वसूला जाएगा।




