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गौठानों में वर्मी उत्पादन की लगातार मॉनिटरिंग करें सभी कृषि अधिकारी-कलेक्टर भीम सिंह  

गौठानों में वर्मी उत्पादन की लगातार मॉनिटरिंग करें सभी कृषि अधिकारी-कलेक्टर भीम सिंह

कलेक्टर भीम सिंह ने कृषि तथा अन्य संबंधित विभागों की ली समीक्षा बैठक
रायगढ़-जिन किसानों ने अन्य फसल उत्पादन के लिए सहमति दी है उनसे सभी आरएईओ अपने क्षेत्र अनुसार सम्पर्क कर फसल बोआई की स्थिति की जानकारी लेंवे, साथ ही उनका राजीव गांधी किसान न्याय योजना में पंजीयन करें। उक्त बातें कलेक्टर भीम सिंह ने आज कृषि व अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक में कही। कलेक्टर सिंह ने किसानों को दलहन-तिलहन और अन्य फसलों के साथ वृक्षारोपण के लिए भी प्रोत्साहित करने के निर्देश उन्होंने सभी कृषि अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. रवि मित्तल भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर सिंह ने बैठक में गोधन न्याय योजना अंतर्गत विकास खण्डवार गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और विक्रय की गहन समीक्षा की। जिन गौठानों में अच्छा उत्पादन और बिक्री हुयी है वहां अपनाये गए उपायों के बारे में उन्होंने जानकारी ली तथा इसे अन्य गौठानों में भी अपनाने के लिए कहा। जहां विक्रय अपेक्षाकृत मात्रा में नहीं हुआ है उसके कारणों की समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि गौठानों में कन्र्वजन रेशियो बहुत महत्वपूर्ण है। सभी गौठानों में इस पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने सभी आरएईओ को अपने क्षेत्र के अंतर्गत गौठानों का हफ्ते में दो बार भ्रमण कर वहां के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के साथ सुपर कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट प्लस का निर्माण करवाने के लिए कहा। उन्होंने सभी कृषि अधिकारियों को गौठानों में वर्मी उत्पादन के लिये विशेष रूप से कार्य करने के निर्देश दिये। साथ ही गौठानों में कार्यरत समिति सदस्यों को भी पूरी गंभीरता से कार्य करने के लिये निर्देशित किया। जिन स्थानों पर समितियां सही ढंग से काम नही कर रही हैं वहां उन्हें बदलने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। गौठानों में तैयार वर्मी कम्पोस्ट को समितियों के माध्यम से किसानों को विक्रय करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत सीईओ डॉ.रवि मित्तल ने सभी गौठानों में वर्मी वाश और ब्रम्हास्त्र जैसे उत्पाद तैयार करने के लिए कहा जिससे महिला समूहों को अतिरिक्त आय मिल सके।
कलेक्टर भीम सिंह ने बैठक में जिले में बीज भण्डारण और वितरण की भी जानकारी ली। बीज निगम के अधिकारियों ने बताया कि धान के साथ दलहन-तिलहन तथा अन्य फसलों के बीज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जिसका वितरण समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। कलेक्टर सिंह ने कहा कि इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने दलहन-तिलहन के साथ अन्य दूसरी फसल लगाने की सहमति दी है इसको ध्यान में रखते हुए उनके बीज की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित किया जाये। इसके पश्चात बैठक में कलेक्टर सिंह ने जिले में उर्वरक के भण्डारण और वितरण की जानकारी ली। कलेक्टर सिंह ने जिले में किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लगातार उच्च कार्यालय से सम्पर्क कर उर्वरक की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जिला विपणन अधिकारी को दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी कृषि अधिकारियों को उनके क्षेत्र में बिना लाइसेंस खाद बीज बेचने वालों पर कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया ।
बैठक में उप संचालक कृषि श्री एल.एम.भगत, उप संचालक पशुपालन डॉ.एच.आर.पाण्डेय, सहायक संचालक रेशम श्री कंवर, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री कमलेश दीवान, सहायक संचालक मत्स्य श्री एम.के.पाटले सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

गौठानों में लगेंगे पशु स्वास्थ्य जांच शिविर

कलेक्टर भीम सिंह ने बैठक में पशुपालन विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक गौठान में पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित करने के लिए कहा। इसके साथ ही प्रत्येक गौठान में शेड्यूल बनाकर पशुओं के स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने चारागाहों में नेपियर प्लांटेशन और हरा चारा उत्पादन की जानकारी ली। उन्होंने लक्ष्य अनुसार चारा उत्पादन का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश उप संचालक पशु पालन विभाग को दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में दूध का प्रोडक्शन बढ़ाने तथा मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में मत्स्य पालन योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने विभागीय योजनाओं के अंतर्गत सभी जरूरी कम्पोनेंट के अनुसार योजना बनाते हुये अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये।

मुनगा प्लांटेशन को दें बढ़ावा

कलेक्टर भीम सिंह ने जिले में मुनगा के प्लांटेशन को बढ़ावा देने के निर्देश उद्यानिकी के साथ कृषि अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मुनगा लगाने से उन्हें पात्रता अनुसार राजीव गांधी किसान न्याय योजना अथवा मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना से प्रति एकड़ के हिसाब से राशि मिलेगी। इसके साथ ही जिले में मुनगा प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाया जा रहा है। इसमें उत्पाद तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में मुनगा के पत्तियों की आवश्यकता होगी ऐसे में किसान अपनी फसल सीधे वहां बेच पायेंगे जिससे उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा।

रेशम उत्पादन के लिए 230 हेक्टेयर में लगाए जा रहे 9 लाख पौधे

रेशम विभाग के कार्यों के समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष रेशम उत्पादन के लिए 230 हेक्टेयर में प्लांटेशन किया जा रहा है। जिसमें 9 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार जिले को 154 लाख कोसाफल उत्पादन का लक्ष्य मिला है। किन्तु जिले में लगभग 2 करोड़ कोसाफल उत्पादन की तैयारी है। इस पर कलेक्टर कलेक्टर सिंह ने प्रोडक्शन के अनुसार जिले में रेशम के कपडे तैयार करने का काम भी जल्द शुरू करने के लिए सारी व्यवस्था जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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