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रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने श्री श्री 1008 श्री महाकाली की पूजा कर लिया आशीर्वाद…


खरसिया के रॉबर्टसन चपले बड़े डूमरपाली में श्री श्री 1008 श्री महाकाली पूजा एवं विशाल मेले का भव्य आयोजन

राबर्टसन। खरसिया क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव श्री श्री 1008 श्री महाकाली पूजा एवं विशाल मेला इस वर्ष भी अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। यह आयोजन वर्षों से न केवल स्थानीय क्षेत्र, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले में अपनी पहचान बना चुका है।

भक्तों की अपार आस्था और श्रद्धा के केंद्र मां महाकाली मंदिर में देश-प्रदेश से श्रद्धालु दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, तथा अनेक गणमान्य साथीयों ,नागरिकों ने माता महाकाली के दरबार में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की।
सांसद राठिया ने मां के चरणों में मत्था टेकते हुए क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि—

“मां महाकाली की कृपा से क्षेत्र में सद्भाव, एकता और विकास का वातावरण बना रहे, यही मेरी कामना है।”

चार दिवसीय आयोजन में भक्तिभाव और मनोरंजन का संगम

यह भव्य मेला 20 से 23 अक्टूबर तक चलेगा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेला परिसर में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति गीत, नाटक, नृत्य, सिनेमा, सर्कस, झूले और प्रसिद्ध ‘मौत का कुआं’ जैसी आकर्षक प्रस्तुतियाँ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी वर्गों में इस आयोजन को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है। मेला परिसर रोशनी, संगीत और उल्लास से सराबोर है।

24 अक्टूबर को विसर्जन यात्रा और शांतिपूजा

मां महाकाली की प्रतिमा का विसर्जन 24 अक्टूबर को मांड नदी में अत्यंत श्रद्धा और विधि-विधान से किया जाएगा। विसर्जन यात्रा में रॉबर्टसन, चपले, बड़े डूमरपाली सहित आस-पास के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे।
भव्य शोभायात्रा में भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़े, झांकी, और प्रसाद वितरण के साथ भक्तजन माता के जयकारे लगाते हुए शामिल होंगे।

सांस्कृतिक एकता और ग्राम्य सौहार्द का प्रतीक

रॉबर्टसन, चपले और बड़े डूमरपाली ग्रामों का यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि ग्राम्य एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन चुका है।
वर्षों से यह परंपरा ग्रामीणों को एक सूत्र में बांधती आ रही है। मेला न केवल भक्ति का केंद्र है, बल्कि सामाजिक मेलजोल, लोकसंस्कृति और आपसी सौहार्द का जीवंत उदाहरण भी है।

स्थानीय आयोजन समिति ने बताया कि मेले की सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के दर्शन और मेला भ्रमण कर सकें।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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