छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी किया जा रहा है ऑनलाइन ई-पास…

आवेदक,ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर प्राप्त कर सकते हैं ePass…

पुलिस कार्यालय,थाना/चौकी द्वारा जारी नहीं किए जा रहे हैं ePass…
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लॉक डाउन दौरान आवश्यक सेवाओं एवं सेवाओं की पूर्ति के लिए ऑनलाइन ePassजारी किया जा रहा है । यह व्यवस्था मुख्यतः सूचीबद्ध आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं की आपूर्ति करने वाली संस्था एवं विशेष परिस्थितियों में आमजन को चिकित्सा सेवाएं प्रदान अथवा किसी विशेष प्रयोजन के लिए आम नागरिकों को अन्य जिलों में जाने के लिए जारी किया जा रहा है जिसे आवेदक गूगल प्ले स्टोर में जाकर CG Covid-19 ePass एप्स को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर संबंधित प्रोफार्मा में जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेज सबमिट कर प्राप्त कर सकते हैं।आवेदक द्वारा इस एप्स में अपने आवेदन व दस्तावेज सबमिट करने के उपरांत प्रशासन द्वारा दस्तावेजों का स्कैनिंग कर आवेदक को प्राथमिकता के आधार पर अनुमति प्रदान की जा रही है ।पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार से यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है ना ही किसी प्रकार का पास जारी किया जा रहा है । किंतु जानकारी के अभाव में आवेदक बेवजह पुलिस कार्यालय अथवा थाना, चौकी में ePass के लिए आ रहे हैं । एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी CG Covid-19 ePass एप्स डाउनलोड कर आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है, यह ऑनलाइन सेवा है ।
पुलिस कार्यालय अथवा किसी भी थाना,चौकी में यह सुविधा नहीं है और ना ही किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा नागरिकों को एक जिले से दूसरे जिले अथवा एक राज्य से दूसरे राज्य जाने की अनुमति या पास जारी किये जा रहें है।

उपरोक्त निर्देश का पालन सरहदी जिलों में नही किया जा रहा जिसे सड़कों पर आये दिन देखने-सुनने को मिल ही जाता हैं …आखिर ऐसे पास जारी किए जाने वाले पर …?
पर्यावरण विभाग की मौन स्वीकृति

राष्ट्रीय राज मार्ग49 राजधानी से ओड़िसा तक सफर करने वालो के लिए बेहतर है साथ ही साथ सक्ती से चपले -रायगढ़ के मध्य कहीं चेक पाइंट न होने से विधी विरुद्ध चलने वालों के बहुत ही सुरक्षित राह हो चला इतना ही नही राष्ट्रीय राज मार्ग में उद्योग घरानों के अपशिष्ट का ढेर होते चला जा रहा पर्यावरण विभाग के एन एच के जिम्मेदार की मौन स्वीकृति से आम जन के जान पर बन आ रहा है समय रहते रोका नही गया तों उपरोक्त राष्ट्रीय राज मार्ग में चलना मौत को दावत देना होगा।




