माँरायगढ़

“आंखें नम ना कर दे तो कहना, ये रायगढ़ का पानी है, जरा याद रखना”

केलो कपूत शिव राजपूत की चिट्ठी केलो के नाम

“आंखें नम ना कर दे तो कहना,ये रायगढ़ का पानी है, जरा याद रखना”

केलो आई रायगढ़ की संस्था दिव्य शक्ति ने भिखारियों की चिंता की है और सेवा साधिका कविता बेरीवाल एवं मोना गुप्ता ने भिखारी संबंधी समस्या का निदान खोजने की कोशिश की है बहरहाल मैं दिव्य शक्ति संगठन के प्रति प्रणाम प्रेशित करता हूं।

ऐ मेरी केलो आई तेरे अलावा रायगढ़ के पुराने रहवासियों को याद होगा की केलो पुल के दोनों तरफ भिखारियों के रहने खाना बनाने का पक्का शेड बना हुआ था इसी तरह बूंजी भवन के ठीक सामने भी भिखारियों का आश्रय स्थल बना था जिसे परम दानवीर सेठ किरोड़ीमल जी ने बनवाया था जहां आजकल मंदिर है पुराने लोग बताते हैं कि पूजनीय सेठ जी द्वारा असहाय जनों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाती थी।

मैं कृष्णा केसरवानी को भी नमन करता हूं जिन्होंने दरिद्र नारायण भोज कराने कि पहल की थी पता नहीं वर्तमान में वह चालू है भी या नहीं।

सेठ किरोड़ीमल जी के पदचिन्हों पर चलने वालों को नमन करते हुये आशा करता हूं समाज के सर्वाधिक उपेक्षित भिखारियों को उचित सहयोग मिलेगा…

केलो आई हालांकि सेठ किरोड़ीमल जी को तूने अपनी कोख से नहीं जना पर माता यशोदा की तरह उन्हें बहुत प्यार दिया और सेठ जी ने भी तेरे पानी के हर एक बूंद की किमत अदा की, उन्होंने रायगढ़ में शिक्षा स्वास्थ्य धर्म संस्कृति आदि, मानव सेवा के स्थाई कार्य किये उसी कड़ी में श्रद्धेय सेठ जी ने भीख मांगकर जीने वालों का भी ध्यान रखा उनके इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने वालों को सफलता प्रदान करना,

अंत मे केलो आई तेरे पानी को नमन जो सर चढ़कर बोलता है और तेरे सभी दुलारों प्यारों को पुरानी परंपराओं को नवजीवन देने प्रेरित करता रहता है…

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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