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छत्तीसगढ़ में भी सर्व शिक्षक संघ कैशलेस मेडिकल सुविधा की मांग को लेकर चला रहा है अभियान…..शुरू हुआ लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

रायपुर। हरियाणा सरकार ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है और इसके लिए पत्र भी जारी हो गया है साथ ही बजट 2021-22 में इसके लिए अलग से प्रावधान भी किया जाएगा । सरकार के इस निर्णय से वहां के 5 लाख कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा ।

कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू होने के बाद कर्मचारियों को शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में एडमिट होकर इलाज कराने पर किसी प्रकार का कोई भुगतान नहीं करना होगा वह और उनके परिवार के सदस्य सीधे अस्पताल में भर्ती होंगे इलाज कराएंगे और घर लौट जाएंगे और पूरी राशि का भुगतान शासन द्वारा किया जाएगा । वर्तमान में व्यवस्था ऐसी है कि कर्मचारी को पहले खुद राशि की व्यवस्था करनी पड़ती है , उसके बाद इलाज शुरू होता है और बाद में उसी राशि को शासन से पाने के लिए उन्हें विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं और इसमें लेनदेन की शिकायतें लगातार मिलते रहती है ।

छत्तीसगढ़ में भी जोर शोर से हो रही है कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग

छत्तीसगढ़ के कर्मचारी भी लगातार कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग कर रहे हैं और इसके लिए मोर्चा संभाला है शिक्षकों के संगठन सर्व शिक्षक संघ ने जिन्होंने प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव से मुलाकात करके रिम्बर्समेंट सुविधा बंद करके कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग रखी है , स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर विचार करने का उन्हें आश्वासन दिया है इसके अतिरिक्त विधायकों के माध्यम से भी सरकार के समक्ष संगठन इस बात को लगातार रख रहा है कि प्रदेश के कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा की अत्यंत आवश्यकता है और सरकार यदि इसे लागू करता है तो उन पर कोई भी अतिरिक्त भार नहीं आएगा। अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ में भी कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू हो पाती है या नहीं ??

कैशलेस मेडिकल सुविधा के लिए जारी है प्रयास – विवेक दुबे

इस मुद्दे पर सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे का कहना है कि

“हमने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव जी से मुलाकात करके कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग रखी है और उसके बाद हमारा अभियान अलग-अलग विधायकों के माध्यम से लगातार जारी है जिसमें विधायक इस मांग का समर्थन करते हुए शासन को अनुशंसा पत्र लिख रहे हैं, हम जल्द ही इस संबंध मे स्वास्थ्य सचिव से भी मुलाकात करेंगे और पुनः स्वास्थ्य मंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात की योजना है । शासन कर्मचारियों के मेडिकल फैसिलिटी के लिए करोड़ों रुपए ऐसे भी खर्च करती है लेकिन कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिल पाता है क्योंकि इलाज के समय पहले उन्हें पैसे की व्यवस्था करनी होती है और बाद में अपनी ही राशि को पाने के लिए उन्हें चढ़ावा भी देना होता है ऐसे में हम एक सरल और पारदर्शी योजना चाहते हैं जिससे शासन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न आए और कर्मचारियों को भी सुगमता से इसका लाभ मिल सके। कुल मिलाकर यह प्रदेश के सभी कर्मचारी और उनके परिजनों के हितार्थ हमारी मांग है और हमें पूरा भरोसा है कि सरकार इस पर आने वाले समय में निर्णय लेगी”

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