अभय सिंह चौटाला ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजा इस्तीफा, कहा- 26 जनवरी से पहले कृषि कानून वापस ले सरकार, वर्ना.

इंडियन नेशनल लोकदल (Indian National Lok Dal) के प्रधान महासचिव और ऐलनाबाद (Ellenabad) से विधायक अभय सिंह चौटाला (Abhay Singh Chautala) ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को ई-मेल कर विधायक पद से अपना इस्तीफा भेज दिया है.
चौटाला ने कहा, ‘चौधरी देवी लाल जी ने हमेशा किसानों (Farmers) के लिए संघर्ष किया. आज वही परिस्थितियां देश-प्रदेश में फिर से खड़ी हो गई है. किसानों पर आए इस संकट की घड़ी में उनका यह दायित्व बनता है कि वो हर संभव प्रयास करें ताकि किसानों के भविष्य और अस्तित्व पर आए खतरे को टाला जा सके.
उन्होंने लिखा, ‘केंद्र की सरकार ने असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक तरीके से तीन काले कृषि कानून (Three Farm Laws) किसानों पर थोप दिए हैं, जिसका विरोध देशभर में हो रहा है. इन कृषि कानूनों का विरोध और आंदोलन को अब तक 47 से अधिक दिन हो गए हैं और कड़ाके की ठंड में लाखों की संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं’.
‘संवेदनहीन विधानसभा में मेरी मौजदूगी का कोई महत्व नहीं’
चौटाला ने कहा, ‘अब तक भीषण ठंड के कारण 60 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है. हालांकि सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही. केंद्र की सरकार किसान संगठनों से आठ दौर की वार्ता कर चुकी है, मगर अभी तक सरकार ने इन काले कानूनों को वापस लेने के बारे कोई सहमति नहीं दिखाई है’.
इनेलो नेता ने कहा, ‘सरकार ने जिस तरह की परिस्थितियां बनाई हैं, उन्हें देखते हुए ऐसा नहीं लगता है कि विधानसभा के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में मैं कोई ऐसी भूमिका निभा सकता हूं, जिससे किसानों के हितों की रक्षा की जा सके. एक संवेदनहीन विधानसभा में मेरी मौजदूगी कोई महत्व नहीं रखती. इन सभी हालातों को देखते हुए अगर भारत सरकार इन तीन काले कानूनों को 26 जनवरी 2021 तक वापस नहीं लेती तो इस पत्र को विधानसभा से मेरा त्याग पत्र समझा जाए’.




