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एन एच49 में भीषण सड़क हादसा…यशवंत हरि,राकेश की मौत…

बाम्हनपाली,अंजोरीपाली, रजघट्टा जनसंपर्क से वापसी के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल का काफिला घटनास्थल पर रुका और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चपले में…

एन एच49 में सड़क हादसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर तीन लोगों की अकाल मौत से यह सड़क खून से लाल हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार छोटे मुड़पार से चपले आते वक्त कुनकुनी के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ब्रेकर के पास बाइक सवार चार युवक को टक्कर मार दी।

बताया जा रहा है कि एक ही बाइक में 4 लोग सवार थे। घायल व्यक्ति को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चपले में भर्ती किया गया जहां डॉक्टर परीक्षण उपरांत तीन युवकों की मौत होने बातें कहां गया वहीं चौथा युवक को बेहतर उपचार के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में रिफर करने की तैयारी चल रहा था।

हादसा के कुछ मिनट पश्चात जनसम्पर्क कार्यक्रम से उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल वापस लौट रहे थे हादसे की सूचना पर उन्होंने तत्काल गाड़ी रोक कर घायलों को चपले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया परिजनों के आते तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चपले में रुके रहे परिवार को ढांढस बंधाया,डॉक्टरों कुछ कर पाते उसके पूर्व ही नियती को कुछ और मंजूर था तीन युवकों के प्रणा पखेरु उड़ गया।

खरसिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सिविल हॉस्पिटल खरसिया के शव गृह में भेजा है, जहां गुरुवार को इनका पोस्टमार्टम होगा। मृतकों की पहचान यशवंत हरि,राकेश के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

नियम नहीं है फिर भी एनएच पर बनाए स्पीड ब्रेकर,सुरक्षा मानकों का भी नहीं रखा ख्याल

जानकारों से मिली जानकारी अनुसार नेशनल हाइवे हो या फिर नगरीय निकाय या राजमार्ग, स्पीड ब्रेकर की भरमार है। यही नहीं राष्ट्रीय राजमार्ग में स्पीड ब्रेकर बनाने का नियम नहीं है, पर सुरक्षा के लिहाज से कुछ चिह्नांकित स्थानों पर ब्रेकर बनाए गए हैं, पर उसमें भी मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है। अधिकांश स्पीड ब्रेकर में सफेद या पीला पेंट नहीं किया गया है, जिससे बाइक सवार या वाहन चालकों को दिन में दूर से ब्रेकर दिखाई नहीं देते हैं। इससे अक्सर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

कायदे से कहीं भी स्पीड ब्रेकर बनाने का नियम नहीं है। बेहद जरूरी होने पर पहले यह मामला जिला यातायात सुरक्षा समिति के पास जाता है और अनुमोदन के बाद ही निश्चित मापदंड के अनुरूप ब्रेकर बनवाए जाते हैं। वर्तमान में जहां भी सड़कें बनती हैं, वहां दबावपूर्वक कुछ लोग स्पीड ब्रेकर बनवा लेते हैं जो कि जानलेवा साबित होता हैं।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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