
शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत, शिक्षा से जोड़ने का विशेष अभियान शुरू
रायगढ़। जिले में नए शिक्षा सत्र 2026-27 का शुभारंभ मंगलवार को शाला प्रवेश उत्सव के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालयों के द्वार खुलते ही बच्चों की चहल-पहल और किलकारियों से स्कूल परिसर गुलजार हो उठे। जिले के शासकीय विद्यालयों में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्पमाला, तिलक और गुलाल से आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय परिसरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पहले ही दिन बच्चों में विद्यालय के प्रति अपनत्व और उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में जनप्रतिनिधियों, पालकों, शाला विकास एवं प्रबंधन समितियों के सदस्यों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। कई विद्यालयों में स्वागत गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रेरणादायी गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिससे बच्चों का पहला दिन यादगार बन सका।

उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों और गणवेश का वितरण किया गया। नई किताबों, नए शिक्षकों और नए साथियों के साथ सत्र की शुरुआत को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। शिक्षकों ने परिचयात्मक संवाद और विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सहज एवं प्रेरक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया।
शत-प्रतिशत नामांकन पर प्रशासन का फोकस
शाला प्रवेश उत्सव केवल औपचारिक स्वागत कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जिले के प्रत्येक प्रवेश योग्य बच्चे को विद्यालय से जोड़ना भी है। 27 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, शाला त्यागी बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में लाने तथा नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रथम दिवस पर विद्यालयों में विद्यार्थियों की उत्साहजनक उपस्थिति दर्ज की गई, जिसे शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सामुदायिक भागीदारी से मजबूत होगा शिक्षा अभियान

जानकारों का मानना है कि शिक्षा से जुड़े अभियानों की सफलता में समुदाय और पालकों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से विद्यालय, अभिभावक और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बच्चों की नियमित उपस्थिति और सीखने की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
जिला प्रशासन ने पालकों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे प्रत्येक बच्चे की नियमित शिक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करें, ताकि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और शाला प्रवेश उत्सव जनभागीदारी का प्रभावी अभियान बन सके।




