छेड़ रखे हैं कोरोना के खिलाफ जंग …जिला पुलिस की 55 महिला अफसर और स्टाफ…

छेड़ रखे हैं कोरोना के खिलाफ जंग …जिला पुलिस की 55 महिला अफसर और स्टाफ…

कोरोना के कहर के बीच दोहरी चुनौतियों का सामना कर रही महिला पुलिसकर्मी…
कोरोना संक्रमण के बीच डॉक्टर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाईमित्रों के साथ जिला पुलिस, सशस्त्र वाहिनी एवं नगरसेना के जवान दिन और रात हर चौक, चौराहों, बेरियर/चेक पाइंट पर डटे हुये हैं । पूरी सुरक्षा के साथ ड्यूटी कर रहे जवान भी संक्रमित हो रहे हैं, जिस कारण स्टाफ को 12 से 16 घंटे तक ड्यूटी करना पड़ रहा है । यहां यह बताना लाज़मी होगा कि चौंक चौराहों में लम्बी ड्यूटी के बाद घर जाकर घरों में अपनी अलग जिम्मेदारी निभा रही महिला पुलिसकर्मियों के जज्बे में किसी तरह की कमी नहीं आई है ।

जिले में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक गरिमा द्विवेदी को एसपी संतोष सिंह द्वारा सरिया और पुसौर क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है । वहीं उप पुलिस अधीक्षक अंजु कुमारी एवं प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ज्योत्सना चौधरी, कोतवाली थानाक्षेत्र में फिक्स पाइंट पर जवानों के साथ डटी हुई है । महिला अफसरों में निरीक्षक अंजना केरकेट्टा पर धरमजयगढ़ एवं निरीक्षक किरण गुप्ता पर तमनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के साथ लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराना एवं जरूरतमंदों के लिये राहत कार्य में कमी न आने देने की बड़ी जिम्मेदारी है ।

इनके अलावा जिले में अजाक थाना प्रभारी निरीक्षक सन्तोषी ग्रेस, उप निरीक्षक मानकुंवर थाना कोतवाली, सरस्वती महापात्रे थाना अजाक, संतरा चौहान थाना चक्रधरनगर, रक्षा टीम प्रभारी प्रधान आरक्षक मंजू मिश्रा सहित करीब 55 महिला प्रधान आरक्षक,आरक्षक एवं महिला नगर सैनिक कोरोना कहर के बीच फिल्ड पर सेवाएं दे रही हैं । शहर में जिला बल व नगर सेना की महिला पुलिसकर्मियों की दो शिफ्ट में पाइंट ड्यूटी लगाई गई है ।

कई चौंक पर महिला नगर सैनिक अपने छोटे बच्चे के साथ बड़ी शिद्दत से ड्यूटी निभाते नजर आएंगी । यह अलग बात है कि ड्यूटी के दौरान बच्चे को रखने पर उसकी सेहत की भी उसको चिंता है । इन्हें सड़कों पर बेवजह घूम रहे लोगों को सख्ती के साथ वापस भेजने के साथ, प्रभारियों के साथ जरूरतमंदों में भोजन सामाग्री वितरण करते देखा जा सकता है ।

इन महिला पुलिसकर्मियों का कहना है कि अभी केवल एक ही लक्ष्य है, सबको साथ मिलकर लड़ना होगा और कोरोना को हराना होगा । जिस प्रकार अपने कर्तव्य के दोहरी धार पर महिला डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ और महिला पुलिसकर्मी कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, असल मायने में यही असली कोरोना योद्धा की पहचान है ।




