दिल्ली

कोयला मंत्रालय ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन योजना के द्वितीय चरण की श्रेणी III के अंतर्गत चयनित आवेदक को पुरस्कार पत्र जारी किया

दिल्ली।कोयला मंत्रालय ने कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 8,500 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन योजना के दूसरे चरण की श्रेणी III के तहत पुरस्‍कार पत्र (एलओए) जारी करके भारत के कोयला गैसीकरण मिशन को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री सनोज कुमार झा ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में कोयले से एसिटिक एसिड बनाने वाले लघु संयंत्र की स्थापना के लिए कार्तिकेय वायुनंदना प्राइवेट लिमिटेड को अनुबंध ऋण (एलओए) प्रदान किया। 793 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित यह परियोजना 75,900 टन प्रति वर्ष की स्थापित क्षमता के साथ एसिटिक एसिड का उत्पादन करेगी, जो घरेलू कोयले के मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह योजना लगातार गति पकड़ रही है। पहले चरण में ही सात परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं। निवेश को और गति देने के लिए दूसरे चरण के लिए श्रेणी II और श्रेणी III के तहत प्रस्तावों के लिए अनुरोध (आरएफपी) आमंत्रित किए गए हैं , जिससे कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

श्रेणी III प्रदर्शन परियोजनाओं और छोटे पैमाने के उत्पाद-आधारित संयंत्रों का समर्थन करती है , जिसमें प्रति परियोजना 100 करोड़ रुपये तक या पूंजीगत व्यय का 15 प्रतिशत की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे गैसीकरण प्रौद्योगिकियों में नवाचार और तेजी से अपनाने में मदद मिलती है।

इस परियोजना से रसायनों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलने, आयात पर निर्भरता कम होने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारत की प्रगति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना साथ ही कोयला संसाधनों के स्वच्छ और अधिक कुशल उपयोग के माध्यम से एक स्थायी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करती है।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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