
अकलतरा।नवरात्र केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि साधना, आत्मशक्ति और सामूहिक आस्था का वह अवसर है जब समाज आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ एक सूत्र में जुड़ता है। इसी भावभूमि पर आगामी 19 मार्च 2026 से अघोरंचल में नवरात्र अनुष्ठान का शुभारम्भ निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर मातृशक्ति और धर्मबंधुओं को सादर आमंत्रित करते हुए आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों से सहभागिता और सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है।

अघोर पीठ जनसेवा अभेद्य आश्रम, पोड़ी दूल्हा अकलतरा में आयोजित होने वाला यह अनुष्ठान पारंपरिक वैदिक विधान के साथ संपन्न होगा। आयोजन के क्रम में 25 मार्च, बुधवार को रात्रि 8 बजे से अष्टमी का हवन एवं निशा पूजन आयोजित किया जाएगा। यह अनुष्ठान शक्ति साधना की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें साधक आध्यात्मिक अनुशासन और श्रद्धा के साथ देवी शक्ति का आह्वान करते हैं।

कार्यक्रम का समापन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को कन्या पूजन के साथ होगा, जो प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक निर्धारित है। कन्या पूजन भारतीय धार्मिक परंपरा में देवी के जीवंत स्वरूप के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है।
आयोजन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक संवाद का भी अवसर प्रदान करता है। आयोजकों का कहना है कि सामूहिक सहभागिता से ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करते हैं।
अघोर पीठ जनसेवा अभेद्य आश्रम के व्यवस्थापक गोपाल राम जी ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस अनुष्ठान में उपस्थित होकर आध्यात्मिक वातावरण का हिस्सा बनें और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दें।
संपर्क:
+91 70000 31175
गोपाल राम जी
व्यवस्थापक
अघोर पीठ जनसेवा अभेद्य
आश्रम – पोड़ी दूल्हा, अकलतरा
यह आयोजन आस्था, अनुशासन और सामूहिक श्रद्धा के उस संगम का प्रतीक है, जहाँ परंपरा केवल निभाई नहीं जाती, बल्कि उसे समाज की साझा चेतना में पुनः स्थापित किया जाता है।



