छत्तीसगढ़

सदन में गुंजा भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा,पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस…

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज फिर से भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा गूंजा। प्रश्नकाल के दाैरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में 350 करोड़ रुपए का घोटाला मुआवजा के खेल में किया गया है। लिहाजा, इसकी जांच सीबीआई से या नहीं तो विधायक दल की समिति से कराने की मांग की। हालांकि सरकार ने उनकी मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर तीखी बहस हुई। नाराज विपक्ष ने सदन से वॉक आउट भी कर दिया।

सदन में गूंजा भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा

छत्तीसगढ़ को विशाखापट्टनम को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजे के नाम पर हुई बड़ी गड़बड़ी की गूंज आज एक बार फिर से छत्तीसगढ विधानसभा में सुनने को मिली। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सवाल पर मंत्री राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में स्वीकार किया कि,इस प्रोजेक्ट में मुआवजे के नाम पर बड़ी गड़बड़ी की गई है। भारतमाला प्रोजेक्ट की अधिसूचना जारी होने के बाद जमीनों की खरीद बिक्री हुई, उसे छोटे छोटे टुकड़ों में बांटा गया,उसका नामांतरण किया गया। इतना ही नहीं,जमीन का मुआवजा भी गलत लोगों को दिया गया। इसके चलते कई अधिकारी कर्मचारी को निलंबित किया गया है। मंत्री की इस स्वीकारोक्ति के बाद डॉ चरणदास महंत ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि अकेले रायपुर में 43 करोड़ का फर्जी मुआवजा दिया गया। पूरे प्रदेश में मुआवजे का घोटाला करीब 350 करोड़ का है। लिहाजा,इसकी सीबीआई जांच कराई जाए,लेकिन विभागीय मंत्री टंकराम वर्मा इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने पूरे मामले की जांच संभागीय आयुक्त से कराने की घोषणा की।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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